सगड़ी क्षेत्र के बाजार अजमतगढ अतिक्रमण की जद में अंग्रेजों के शासन काल से चली आ रही बाजार अजमतगढ़ स्टेट के नाम से जानी जाती थी जो कि इस बाजार की एक मिसाल थी यहां पर 5 साल पहले जाम लगता ही नहीं था ब्लॉक मुख्यालय अजमतगढ़ भी है।
अजमतगढ़ बाजार 100 गांव के बीच में मानी जानी बाजार थी ग्रामवासी आते थे आराम से सामान लेकर चले जाते थे अजमतगढ़ बाजार में जाम से इतना लोग घबरा गए हैं कौन जाए अजमतगढ़ बाजार में इतना जाम लगा रहता है कि हम लोग गाड़ी कहां खड़ी करें सामान कहां से लें आम जनमानस को सड़क के दोनों तरफ पटवारियों पर सब्जी वाले ठेला वाले कुल्चा वाले अपनी अपनी दुकानें लगाकर शंकर जी के मूर्ति से लेकर हनुमान जी के मंदिर तक दोनो तरह से रोड और पटरी जाम कर के रख देते हैं जहां से गाड़ियों का आवागमन बाधित हो जाता है इसमें आम जनमानस को मोटरसाइकिल तो खड़ी करना दूर पैदल भी नहीं चल पाते हैं यहां तक कि एंबुलेंस की गाड़ी चाहे किसी अधिकारी की गाड़ी चाहे लाश की गाड़ी को आने जाने के लिए रास्ता नहीं मिल पाता यहीं पर पिकेट ड्यूटी पर तैनात चौकी इंचार्ज व होमगार्ड के लोग शंकर जी मूर्ति के पास बैठकर तमाशबीन बने रहते हैं
नगर पंचायत अजमतगढ़ सड़क के दोनों तरफ 3 मीटर की पटरी चोडी करा करा दी जाम ना लग सके इसके बावजूद सब्जी वाले ठेले वाले कुलचे वाले जनमानस को परेशान कर रखे हैं इस जाम से यहां के स्थाई दुकानदारों पर रोजी रोटी के लिए दिनभर ग्राहक के इंतजार में बैठे रहते हैं जिस बाजार में जगह नहीं मिलेगी वहा पर आम जनमानस जाना पसंद नहीं करेगी अजमतगढ़ बाजार की दूरी जिला मुख्यालय आजमगढ़ से मात्र 25 किलोमीटर दूरी है यहां पर सरकारी हॉस्पिटल पोस्ट ऑफिस ब्लॉक मुख्यालय पशु हॉस्पिटल स्मिथ इंटर कॉलेज राजकीय इंटर कॉलेज शिक्षा अधिकारी ऑफिस ताल सलोना नहर पंप यह बाजार अजमतगढ़ आप में एक मिसाल कायम रखती थी अतिक्रमण से कैसे निजात मिले कि आम जनता को परेशानी का सामना ना करना पड़े अजमतगढ़ के जाम अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे हैं।
रिपोर्ट- जगरनाथ गुप्ता