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15 फरवरी: इंटरनेशनल चाइल्डहुड कैंसर डे

आज़मगढ़।

चाइल्ड केयर क्लिनिक, सिधारी पर अनौपचारिक बातचीत में शिशु व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डी. डी. सिंह ने बताया कि छोटे बच्चे हमारे परिवार एवं देश के लिए अनमोल धरोहर हैं, किंतु आधुनिक जीवन में बच्चों की जीवन चक्र पर ध्यान देना अति आवश्यक है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नुकसानदायक साबित हो सकती है। अपने बच्चों को अतिरिक्त समय दें, क्योंकि यह समय बच्चों के लिए अत्यधिक विकास का समय हैl बच्चों के साफ पानी पीने को प्राथमिकता दे l डॉ. सिंह ने बताया कि:

1- बच्चों को  फल और हरी सब्जियां खाने की आदत डालें !

2-जंक फूड के केमिकल से, कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रखे हैं l ताज़ा फलों का जूस दें l

3-बच्चों को आउटडोर गेम की आदत डालें ताकि उनमें मोटापा ना हो जो कैंसर का कारण है।

4-टीवी, मोबाइल, लैपटॉप से दूर रखें क्योंकि इनसे निकलने वाली किरणें नुकसानदायक है।

5-प्रदूषण में कैंसर पैदा करने वाले तत्व होते हैं। अतः बच्चों को मास्क पहनकर बाजार में ले जाएं।

6-बच्चों के सामने किसी भी प्रकार की शराब एवं सिगरेट आदि का सेवन ना करें।

7- बच्चों को रोजाना धूप में बैठने के लिए प्रेरित करें।

8- साधारण बीमारियों जैसे खांसी जुकाम दस्त में एंटीबायोटिक का प्रयोग ना करें। वायरल डिजीज में एंटीबायोटिक का प्रयोग ना करें। अधिक से अधिक हर्बल मेडिसिंस का प्रयोग करें।

9- सप्ताह में कम से कम एक दिन महापुरुषों से जुड़ी हुई कहानियां, लेख अथवा कोई पिक्चर बच्चों को अवश्य दिखाएं ताकि वह अपने जीवन में सशक्त बनें।

10-बच्चों में हमेशा दूसरों की सेवा करने का जज्बा पैदा करें।

11- टीकाकरण अवश्य कराएं। आयुर्वेदीय स्वर्णप्राशन से बच्चों की ताकत ज्यादा बढ़ती है l

आज बच्चों में कैंसर का कारण अधिक केमिकल युक्त भोजन ही माना जाता है, इसलिए आवश्यकता है कि हम बच्चों को घर का बना हुआ ताजा भोजन दें, जो एंटी ऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है और शरीर में विषाक्त द्रव्यों को बाहर निकालता है l बच्चो को रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ाने वाली आयुर्वेद दवाओं का सेवन अवश्य कराएं।


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