मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी सगड़ी आजमगढ़।
आज़मगढ़।
प्रकरण को लम्बित रखने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए अवगत करायें: मण्डलायुक्त
आज़मगढ़।
आजमगढ़ मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी के सख्त रुख को देखते हुए सदर तहसील के राजस्व कर्मियों द्वारा विगत 12 वर्षो से कम्प्यूटर खतौनी में नाम दर्ज करने का लम्बित रखा गया प्रकरण समाप्त हो गया। इसके साथ ही मण्डलायुक्त ने प्रकरण को इतनी अधिक अवधि तक अनावश्यक रूप से लटकाये रखने के लिये दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही कर वस्तुस्थिति से अवगत कराये जाने हेतु उपजिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया। प्रकरण के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने बताया कि गत दिवस तहसील सदर अन्तर्गत ग्राम हसनपुर निवासी वृद्ध महिला चन्द्रमा देवी पत्नी आत्मा ने प्रार्थना पत्र देते हुए अवगत कराया कि उनके द्वारा गांव के गुलाब चन्द से 8 मार्च 2007 को बैनामा लिया गया था जिसका तहसीलदार सदर के स्तर से 25 अप्रैल 2007 को नामान्तरण आदेश होने के बाद अमलदरामद रजिस्टर मालिकान में अंकित तो कर दिया गया, परन्तु उक्त आदेश का नेफाज कम्प्यूटर में तत्कालीन खतौनी में नहीं किया गया। कम्प्यूटर खतौनी में क्रेता का नाम दर्ज नहीं होने के कारण खतौनी में विक्रेता का नाम आ रहा है। उक्त वृद्ध महिला ने यह भी बताया कि वह पढ़ी लिखी नहीं है जिससे उन्हें कागजात की पर्याप्त जानकारी नहीं है। यह भी अवगत कराया कि स्पष्ट आदेश के बावजूद कम्प्यूटर खतौनी में नाम दर्ज नहीं किया जा रहा है, जबकि वह इसके लिए काफी लम्बे समय से भाग दौड़ कर रही है।
मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी सदर को तत्काल क्रेता वृद्ध महिला का नाम कम्प्यूटर खतौनी में दर्ज कर अवगत कराये जाने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त द्वारा दिये गये सख्त निर्देश पर उपजिलाधिकारी सदर ने अवगत कराया गया कि कम्प्यूटर खतौनी में क्रेता का नाम दर्ज कर दिया गया है। मण्डलायुक्त ने प्रकरण को अनावश्यक रूप् से 12 वर्ष से अधिक समय तक लम्बित रखने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम को निर्देशित किया कि इस विलम्ब के लिये दोषी कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए दो दिन के अन्दर अवगत करायें।