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बाल विवाह एक अभिशाप, यदि ऐसा कहीं होता है तो दें सूचना।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 24 अप्रैल-- जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव ने बताया है कि समाज में व्याप्त कुरीतियों के प्रभाव में आकर कुछ लोगों द्वारा लड़के और लड़की का विवाह निर्धारित आयु क्रमशः 21 वर्ष एवं 18 वर्ष के पूर्व ही कर दिया जाता है। प्रायः इस प्रकार के विवाह अक्षय तृतीया के अवसर पर होते हैं, जबकि इस सम्बन्ध में बाल-विवाह प्रतिषेद अधिनियम-2006 के अन्तर्गत बाल-विवाह होने पर 02 वर्ष की सजा अथवा 100000 रू0 का जुर्माना अथवा दोनो का प्राविधान है। इस वर्ष अक्षय तृतीया दिनांक 16 अप्रैल 2020 को है।
उन्होने सभ्य जनों से अपील किया है कि बाल-विवाह को हतोत्साहित करें तथा बाल विवाह की किसी भी घटना के सम्बन्ध में सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय आजमगढ़, 181 महिला हेल्पलाइन, डायल 112, जनपद स्तर पर बाल विवाह टास्क फोर्स/शिक्षा/स्वास्थ्य/ग्राम विकास/स्थानीय प्रशासन अथवा अपने नजदीकी थाने पर दें। 

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