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किसी ने नहीं दिया साथ तो पत्नी ने चंदा मांगकर खुद पति के शव को दी मुखाग्नि।

चंदौली।

रिपोर्ट: ओ पी श्रीवास्तव

जनपद चंदौली में लाकडाउन के दरमियान एक अजब ही मामला प्रकाश में आया। पति-पत्नी के आगाध प्रेम,स्नेह एवं बन्धन की गाथा प्रस्तुत करता यह मामला लोगों की जुबान पे छाया हुआ है।  शादी के पवित्र बंधन का निर्वहन पति-पत्नी के धर्म का पालन जीवन-मरण के साथ करते हुए पत्नी गुडिया ने पति की मृत्यु के पश्चात जब सबने साथ छोड़ दिया तो खुद पति संतोष जायसवाल(42) के शव को लेकर श्मशान घाट पहुंची। पति के शव के ऊपर अपनी मांग का सिंदूर धोया,चूड़ियां तोड़ी और लोगों से चंदा मांगकर खुद ही शव को मुखाग्नि दी। श्मशान घाट पर पत्नी द्वारा पति के लिए ऐसे सच्चे प्यार, समर्पण एवं पति धर्म की मिशाल देख हर किसी की आंखें खुदबखुद नम हो गईं।
जानकारी के अनुसार आलू मिल नईबस्ती पीडीडीयू नगर निवासिनी गुड़िया देवी की शादी बबुरी चौक बाजार निवासी संतोष जायसवाल से हुई थी। दोनों को एकमात्र 3 वर्ष की एक बेटी है। कुछ दिन पूर्व संतोष की तबियत खराब हो गई तो उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसी बीच गुड़िया के भाई की मौत भी हो गई तो वह अपने पति के साथ मायके गई। भाई के शव का अंतिम संस्कार होने के बाद सब लोग घर आ गए। इसी बीच संतोष की तबियत पुनः खराब हो गई। संतोष की स्थिति बिगड़ने लगी तो पत्नी गुड़िया संतोष को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। वहां इलाज के दौरान संतोष ने दम तोड़ दिया। गुड़िया शव को लेकर मायके पहुंची लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया।  किस्मत की मारी गुड़िया ने किसी तरह वाहन से लेकर शव को अवधूत भगवान रामघाट पहुंची। वहां पहुंचकर अपनी आप बीती जिला पंचायत सदस्य सूर्यमुनि तिवारी को फोन के माध्यम से सुनाई। उन्होंने तत्काल भाजपा नेता शिवशंकर पटेल को पूरी बात बताई। शिवशंकर पटेल के साथ अन्य नेताओं ने घाट पहुंचकर लकड़ी सहित अन्य सामानों की व्यवस्था कराई। इसके बाद गुड़िया ने पति के शव को मुखाग्नि दी। गुड़िया ने बताया कि उनके पति सूर्यमुनि तिवारी के यहां पहले काम करते थे। नम आंखों से कहा कि गरीबी में पति की भी मौत हो गई। अब तीन साल की मासूम बेटी रोशनी ही एकमात्र सहारा है। बेटी के जीविकोपार्जन की चिंता अब उसे सताने लगी है।
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