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सरकार ने किया पेंशन के नियमों में बदलाव, केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत।

नेशनल कवरेज : विजय प्रताप सिंह

News published on: 03-05-20: सरकार ने एक महत्‍वपूर्ण फैसला लेते हुए पेंशन के नियमों में बदलाव किया है। बदले हुए नियम का लाखों कर्मचारियों व उनके परिजनों को लाभ मिलेगा। यह लाभ कर्मचारी के 25 वर्ष से कम आयु की संतान, बेरोजगार संतान एवं अविवाहित, विधवा एवं तलाकशुदा बेटी को भी समान रूप से मिलेगा। यहां विस्‍तार से जानिये बदले हुए नियमों का कैसे लाभ मिलेगा। भारत सरकार केंद्रीय कर्मचारियों व उनके परिजनों को कई तरह की पेंशन की सुविधा देती है। इसमें मुख्‍य है परिवार पेंशन योजना 1971, जिसके अंतर्गत यदि सेवा अवधि के दौरान केंद्रीय कर्मचारी का निधन हो जाता है तो उसके परिजनों को सरकार पेंशन का लाभ देती है। सातवें वेतन आयोग के नियमों के अतंर्गत इससे पहले नियम था कि उन केंद्रीय कर्मचारियों के परिजनों को सामान्‍य पारिवारिक पेंशन प्रदान की गई थी जिनकी मृत्‍यु नौकरी के दौरान तो हुई थी लेकिन सेवा अवधि 7 साल से अधिक थी।
अब इस नियम में ढील देते हुए सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। फैमिली पेंशन स्‍कीम 1971 में हुए 54वें संशोधन के जरिये सरकार ने पेंशन के उन नियमों को बदला है जिसमें कर्मचारी की मृत्‍यु सेवा अवधि के सात साल पूरे होने के पहले ही हो जाती है। अब नए नियमों के अनुसार 7 साल की सेवा अवधि पूरी करने से पहले ही यदि किसी कर्मचारी का निधन हो जाता है तो उस कर्मचारी के परिवार के सदस्‍य अब 10 वर्ष तक कर्मचारी के अंतिम आहरित वेतन यानी आखिरी सैलेरी की 50 प्रतिशत राशि पाने के पूर्ण रूप से हकदार होंगे।

यह व्‍यवस्‍था सातवें वेतन आयोग के नियमों के तहत मान्‍य होगी। अभी तक यह होता था कि कर्मचारी के निधन के केस में, कम से कम 7 वर्ष तक सेवाएं देने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के परिजनों को अंतिम आहरित वेतन की 50 प्रतिशत राशि बतौर पेंशन मिलती थी। ऐसे में वे कर्मचारी जिनकी सेवा अवधि 7 साल से कम के दायरे में आती है, उनके परिजन अभी तक अंतिम आहरित वेतन का महज 30 प्रतिशत पैसा ही प्राप्‍त करने की पात्रता रखते थे। अब चूंकि सरकार ने नियम बदलकर 7 साल की सेवा अवधि से कम श्रेणी के कर्मचारियों व उनके परिजनों को भी राहत दे दी है, इससे बड़ी संख्‍या में कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

पारिवारिक पेंशन के जरूरी नियम

- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पारिवारिक पेंशन यानी फैमिली पेंशन स्‍कीम 1971 में यह प्रावधान है कि पारिवारिक पेंशन मुख्‍य रूप से केंद्रीय कर्मचारी की विधवा या विधुर को ही दी जाती है। यह भी उन कर्मचारियों के परिजनों को जिनकी सेवा अवधि के दौरान मृत्‍यु हो जाती है।

- लेकिन केंद्रीय कर्मचारी के निधन के समय यदि कर्मचारी की संतान की आयु 25 साल से कम है तो वह भी पारिवारिक पेंशन पाने के पात्र हैं। जब तक उस संतान का विवाह नहीं हो जाता, तब तक उसे यह पारिवारिक पेंशन दी जाती है।

- दूसरी शर्त यह है कि जब तक उसकी मासिक आय 9 हजार रुपए से कम है, उसे पेंशन मिलेगी। 9 हजार रुपए से अधिक आय होने पर यह पात्रता समाप्‍त हो जाती है।

- यदि दिवंगत कर्मचारी की बेटी अविवाहित है, विधवा या तलाकशुदा है तो ऐसे में भी वह पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार होगी। यह पारिवारिक पेंशन योजना के नियम केंद्रीय सशस्‍त्र बल जैसे सीआरपीफ, सीआईएसएफ जैसे कर्मचारियों समेत शेष समस्‍त केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू होते हैं।

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