आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 22 मई-- जिला मजिस्ट्रेट नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण से बचाव तथा इस संदर्भ में उत्पन्न परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में लागू किया गया देशव्यापी लाकडाउन भारत सरकार द्वारा दिनांक 18 मई 2020 से 31 मई 2020 तक प्रभावी रहने के निर्देश निर्गत किये गये हैं।
उन्होने बताया कि जारी निर्देशों के आलोक में जनपद की वर्तमान परिस्थितियों का आकलन करते हुये जनपद के परिप्रेक्ष्य में लाकडाउन की अवधि में कतिपय गतिविधियाँ सशर्त अनुमन्य की गयी हैं। इस अवधि में समस्त इंसीडेण्ट कमाण्डर/उप जिला मजिस्ट्रेट, समस्त तहसीलदार मजिस्ट्रेटगण द्वारा कोविड-19 संक्रमण से बचाव के उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा महामारी काल में पात्र लाभार्थियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किये जाने हेतु अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत भ्रमण कर कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्रायः यह देखने में आ रहा है कि लाकडाउन की अवधि में अनुमन्य गतिविधियों में कोविड-19 से बचाव के उपायों का कार्यान्वयन प्रभावी रूप से सुनिश्चित नहीं कराया जा रहा है।
जिला मजिस्ट्रेट ने समस्त इंसीडेण्ट कमाण्डर/उप जिला मजिस्ट्रेट, समस्त तहसीलदार मजिस्ट्रेटगण को निर्देशित किया है कि चार पहिया वाहनों में एक चालक के अतिरिक्त दो यात्रियों से अधिक परिवहन न होने दें। फेसकवर/मास्क का प्रयोग सुनिश्चित करायें। दो पहिया वाहनों पर एक ही व्यक्ति की अनुमन्यता है तथा हेलमेट व फेसमास्क/फेसकवर लगाना अनिवार्य है। चालक के अतिरिक्ति केवल महिला यात्री को ही हेलमेट व फेसमास्क/फेसकवर के साथ बैठने की अनुमन्यता है। परन्तु सामान्यजन द्वारा इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। प्रवासी मजदूर/छात्र/श्रद्धालु व अन्य व्यक्ति जो अन्य जनपद/प्रदेश से आयें हैं, जिन्हें होम क्वारंटाइन में रहने हेतु निर्देश दिये गये हैं, वे प्रोटोकाल का उल्लंघन कर घर से बाहर आ-जा रहे हैं।
उन्होने कहा कि घोषित आपदा में इंसीडेंट कमाण्डर होने के कारण समस्त इंसीडेण्ट कमाण्डर/उप जिला मजिस्ट्रेट, समस्त तहसीलदार मजिस्ट्रेटगण का यह दायित्व है कि उक्त गतिविधियों पर अंकुश लगाये जाने हेतु क्षेत्र भ्रमण के समय आप स्वयं तथा अधीनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों एवं सम्बंधित पुलिस विभाग के अधिकारियों के माध्यम से निर्धारित प्रोटोकाल का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध महामारी अधिनियम-1897 व आपदा प्रबंध अधिनियम-2005 के सुसंगत प्राविधानों के तहत विधि अनुसार जुर्माने/एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करायें।
उपरोक्तानुसार कृत कार्यवाही की आख्या प्रतिदिन जिला मजिस्ट्रेट को मुख्य राजस्व अधिकारी एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) के माध्यम से अवश्य उपलब्ध करायी जाय।