आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
सगड़ी।
आज़मगढ़। आज़मगढ़ के देवारांचल में बाढ़ का कहर जारी है, बंधे के उत्तर बसे गावँ पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं, जिन लोगों का घर डूब गया है वह लोग बंधे पर आकर रहने के लिए मजबूर है, वहीं जिन लोगों के मकान कुछ ऊंचाई पर बने हुए हैं वह लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं रास्ते पूरी तरह जलमग्न है खेतों में फसलें बर्बाद हो गई हैं किसान बेहाल है।
बाढ़ से परेशान लोगों की हालत यह है कि वह आज भी सरकार के नुमाइंदों से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि ना जाने वह कब कौन सा दौर आये कि साहब किसी नाव से बंधे के उत्तर आराजी देवारा मगरवी सहित अन्य गांव का दौरा करें और यहां के हालातों को देखें की टूटी झोपड़ियों में किस तरह से लोग अपनी जिंदगीयां गुजार रहे हैं।
घरों के चारों तरफ पानी है, खाने पीने का सामान सब भीग चुका है, कोई बीमार पड़ जाए तो घंटों लगता है नाव का इंतजार करने में और जब नाव आती है तब घंटों लगता है बंदे पर जाने में।
अभी चुनाव नहीं है तो नेता जी भी बंधे के उत्तर जाना मुनासिब नहीं समझते चुनाव होता उड़न खटोले से दौरा होता स्ट्रीमर से जायजा लिया जाता और गला फाड़कर बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को खत्म करने का ऐलान हो जाता।
चुनाव नहीं है, तो बाढ़ की तबाही का मंजर है, यदि चुनाव होता तो विकास की गंगा खड़े-खड़े बहा दी जाती और लोग डुबकियां लेकर तृप्त हो जाते।
देवारंचल में हर वर्ष बाढ़ की समस्या होती है, जो एक स्थायी समस्या बन गई है, हर वर्ष वही कहानी दोहराई जाती है। बाढ़ आती है, हल्ला मचता है, दौरे होते हैं और राहत पैकेज की घोषणाएँ होती हैं। लेकिन इस समस्या से निपटने के लिये कोई ठोस तैयारी नहीं की जाती।
हालांकि प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि- हालात नियंत्रण में हैं और युद्घ स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
जिलाधिकारी ने बताया है कि बाढ़ से 01 ग्राम में कटान हो रही है, जल भराव से कृषि प्रभावित 111 ग्राम हैं और जल भराव से आबादी और कृषि प्रभावित 62 ग्राम हैं,
62 ऐसे ग्राम हैं, जिनका बाढ़ से सम्पर्क मार्ग कट गया है, इस तरह कुल 236 बाढ़ प्रभावित ग्राम हैं, जिसमें राहतध्बचाव कार्य किया जा रहा है। अब तक 340 नावें लगाई गई हैं। 10 मेडिकल टीमें लगायी गयी हैं। 10 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं, बाढ़ से अब तक 63686 लोग प्रभावित है।
हालात से निपटने के लिये बाढ़ चौकियां बनायी गयी हैं तथा सुरक्षा के लिये नावें इस्तेमाल की जा रही हैं। लोगों को राशन किट और खाने के पैकेट लगातार बांटे जा रहे हैं।
उम्मीदों की आस में मदद का इंतज़ार कर रहे अराजी देवारा मगरवी के लोगों के मायूस चेहरों पर उस वक़्त मुस्कान लौट आई जब गावँ की समस्याओं को देखने समाजसेवी संगठन भारत परिषद के पूर्वांचल प्रभारी बेचू यादव नाव के सहारे कार्यकर्ताओं संग मिलने पहुंचे, शायद जिंदगी का यह वो पड़ाव था जहां बरबस ही आंखे नम हो गई। बाढ़ से घिरे लोगों ने बेचू यादव को अपने बीच पाकर अपनी नम आंखों से पूरी कहानी बताई।
लोगों ने बताया कि- 40 घर जिनकी लगभग 300 जनसंख्या है, अराजी अजगर मगर्वी में रहे हैं जो दुबाने से कट कर 40 वर्ष पहले आये थे। और तभी से यही झोपड़ियों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
बेचू यादव ने लोगों से मुलाकात की उनकी तकलीफों को सुना उनके हालातों को देखा, और मदद का भरोसा भी दिया, यहाँ के लोगों ने अपनी सबसे बड़ी समस्या नाव की बताई लोगों का कहना था कि- नाव की समुचित व्यवस्था नही होने से हम लोगों को आवागमन की असुविधा होती है, कोई बीमार पड़ जाए तो घण्टो लग जाते हैं नाव को आने में और बंधे पर ले जाने में।
बेचू यादव ने उनकी इस समस्या को तत्काल खत्म कर नाविक मंगल यादव को 20 हजार नगद और प्रभुनाथ को 10 हजार का चेक एक नाव की व्यवस्था करने के लिए दिया।
उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि गावँ के लोगों को भारत परिषद की तरफ से नाव उपलब्ध कराने के लिए दी गई है जिससे यहां के लोगों को आवागमन में समस्याएं न हो। आगे भी उन्होंने मदद का आश्वासन दिया इस दौरान चंद्रजीत चौहान, वैजनाथ, जुगल किशोर सिंह, मुंशी चौहान, राम समुझ सीता राजभर, रामकरन कमलेश यादव, विजय नारायन यादव आदि लोग उपस्थित रहे।