आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
जीयनपुर स्थानीय निवासी समाजसेवी नेहाल मेहदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए यह जानकारी दी कि- 10 अगस्त को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी पर्व को लेकर जो एडवाइज़री जारी हुई है वह पूरी तरह निराशाजनक एवं अस्वीकार्य हैं । सरकार द्वारा अनलाक 3 में दी गई गाइडलाइंस का जनता शत प्रतिशत पालन कर रही है त्यौहारों के लिए नई गाइडलाइंस की कोई आवश्यकता नहीं थी । पिछले छह महीने से जनता सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार पर्व मना रही हैं और बता दें कि आगामी 21 अगस्त से शुरू होने वाला मोहर्रम का पर्व मुस्लिम समुदाय के आख़िरी पैगंबर हज़रत मुहम्मद साहब के छोटे नवासे हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है यह एक गम और शोक का पर्व है इमाम हुसैन ने इंसानियत को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया था इसी सर्वोच्च बलिदान की याद में 1400 साल से दुनिया के कोने कोने में मोहर्रम का पर्व मनाकर लोग इमाम हुसैन की क़ुर्बानी को याद करते हैं
इस पर्व में करोड़ों लोगों की आस्था और भावना जुड़ी है परंतु मौजूदा योगी सरकार में मोहर्रम के पर्व को भी दूसरे पर्वों की तुलना में खड़ा करके पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाकर करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है
हमें उम्मीद थी कि सरकार हमारी आस्था को देखते हुए और वर्तमान में कोविड 19 को दृष्टिगत रखते हुए एक ऐसा बीच का रास्ता निकालते हुए गाइडलाइंस जारी करेगी जिससे हम आस्था अनुसार मोहर्रम भी मना लेते और WHO द्वारा बतायी गई गाइडलाइंस का भी पालन हो जाता परंतु सरकार ने मनमाना फ़ैसला सुनाकर करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाया है।
वर्तमान में अनलॉक थ्री के बाद जन जीवन सामान्य रूप से चल रहा है शादी ब्याह हो रहे हैं बसें फ़ुल चल रही है ट्रेनों में जगह नहीं है बाज़ारों में भीड़ उसी प्रकार है शराब खानों में भीड़ पहले से अधिक है तो फिर केवल त्योहारों और इबादत पर ही इतनी सख्ती क्यूं ?
प्रदेश सरकार अपनी जारी एडवाइज़री पर दोबारा विचार करे और संज्ञान ले और मोहर्रम करने की अनुमति दे ताकि इमामबाड़ों में मजलिस और ताजिया रखा जा सके और कम संख्या में ही सही जुलूस की परमिशन दी जाए हम सरकार को आशवस्त करते है की हमारे धार्मिक क्रियाकलापों एवं जुलूसों में कोरोना से बचाव हेतु सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन किया जाएगा मास्क और सैनेटाईजर का पूरी तरह प्रबंध करते हुए हम अपने आयोजन को सम्पादित करेंगे।