आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
मनरेगा में 60--40 के रेशियो नही मिलने से प्रधान नाराज।
आजमगढ़: 11 सितंबर- सगड़ी तहसील क्षेत्र के ब्लाक अजमतगढ़ के प्रधान गावो में विकास कार्य ठप होने से खण्ड विकास कार्यालय के सामने गुरुवार को दोपहर एक बजे दोपहर से जारी धरना दूसरे दिन भी जारी रहा, जो सुबह 10 बजे 5 बजे तक चलता रहा। खण्ड विकास अधिकारी पर विकास कार्यो में बाधा उतपन करने का आरोप लगया और कहा कि मनरेगा के तहत विकास कार्यो के लिए 60 प्रतिशत कच्चा वर्क एव-40 प्रतिशत पक्का वर्क किया जाता है। पर जो निर्धारित रेसियो है उसके तहत भी कार्य नही करने दिया जा रहा है।जिसे लेकर अजमतगढ़ के दर्जनों प्रधानों ने विकास खंड कार्यालय पर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा।प्रधानों की मांग है कि जब तक हमे 60---40 का रेशियो एवं गांव में विकास कार्यों को बहाल नहीं किया जाता हम अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे रहेंगे। इसके बाद भी अगर हमारी मांगें नहीं सुनी गई, तो हम घेराव और आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। यही नहीं प्रधानों ने आरोप लगाया कि खंड विकास अधिकारी द्वारा हमें कार्य करने से मना किया जा रहा है वह भी ऐसी दशा में जब सामने हमारे चुनाव है और हमारे तमाम भुगतान फंसे हुए हैं ।कभी वेबसाइट नहीं चल रही है तो कभी जेई द्वारा एमबी नहीं किया जा रहा है। जिसे लेकर हम प्रधानों को खंड विकास अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है और 60--40 के रेशियो मांगने पर कहा जा रहा है कि ऊपर से रोक लगाई गई है। इस संबंध में प्रधानों का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को जिलाधिकारी से भी मिलकर ज्ञापन दिया था और मांग की थी कि 60 - 40 का रेशियो बहाल किया जाए। धरने संबोधित करते हुए रमेश निषाद ने कहा कि- मनरेगा के तहत जो 60--40 का रेशियो दिया जाता है हमें नहीं मिल पा रहा है एवं 14वां व राज्य वित्त का भी 1 साल से कार्य पूरी तरह से बंद पड़ा है जिससे गांव के विकास कार्य पूरी तरह से अवरुद्ध है। आलम यह है कि आगे हमारे सामने चुनाव हैं और जनता हमसे जवाब मांग रही है ऐसी दशा में हमारे पास और कोई रास्ता नहीं बचा है। बाध्य होकर हम लोग धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। इस दौरान प्रधानों ने जमकर नारेबाजी की । इस संबंध में खंड विकास अधिकारी इरशाद अहमद ने कहा कि ऊपर से रोक लगाई गई है कि जब तक गांव में सार्वजनिक शौचालय एवं पंचायत भवनों का निर्माण नहीं हो जाता अन्य कार्य नहीं किए जाएंगे वैसे हमने बाबू को बोल दिया है कि गांव में कितने पैसे और शेष बचे हैं उसको देखने के बाद कार्य को चालू करा दिया जाएगा। इस दौरान अशोक सिंह,अनिल सिंह,अनीसुर्रहमान,सरवन सिंह,रामकुअर, कमलेश, ज्योति तिवारी, बृजेश यादव, रविंद्र नाथ, सुरेश यादव, एकरामुल्ला खान शेरू, लौटू चौहान, हरिश्चंद्र, हरिवंश कुमार, दुर्गा प्रसाद सोनकर, श्रवण सिंह, पप्पू कुमार, उमेश यादव, पीयूष कुमार आदि लोग मौजूद थे।