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फसल अवशेष जलाने से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम हेतु विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गये हैं।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 07 सितम्बर-- जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि खरीफ 2020 में फसल अवशेष जलाने से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम हेतु विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। उन्होने कहा कि फसल कटाई के दौरान प्रयोग की जानी वाली कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम अथवा स्ट्रारीपर अथवा स्ट्रारीपर अथवा स्ट्राटेक एवं बेलर का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा तथा यदि कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम स्ट्रारीपर अथवा स्ट्राटेक एवं बेलर के बिना चलती हुई पायी जाती है तो तत्काल सीज की कार्यवाही की जायेगी व कम्बाईन स्वामी के व्यय पर ही सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम लगवाने के उपरान्त ही छोड़ी जायेगी।
जिलाधिकारी ने समस्त स्वामी कम्बाईन हार्वेस्टर, को निर्देशित किया है कि एक सप्ताह के अन्दर अपने तहसील के उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर इस आशय का लिखित शपथ-पत्र प्रस्तुत करते हुए कृषि विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लें कि आपने अपनी कम्बाईन हार्वेस्टर में उपरोक्तानुसार अपेक्षित एटेचमेन्ट लगवा लिया गया। यदि कम्बाईन हार्वेस्टर स्वामी द्वारा निर्धारित अवधि में सक्षम अधिकारी (उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी) के समक्ष शपथ-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो यह अवधारित किया जायेगा कि आप कम्बाईन हार्वेस्टर का वर्तमान में उपयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में कम्बाईन हार्वेस्टर स्वामियों को खरीफ फसलों की कटाई का कार्य करते हुए पाया जाता है तो कम्बाईन हार्वेस्टर को सीज करते हुए संबंधित के विरूद्ध प्राथमिकी अंकित कराते हुए दण्डात्मक कार्यवाही हेतु न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया जायेगा।


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