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फसल अवशेष को जलाने की रोकथाम तथा इसके दुष्परिणामों के सम्बन्ध में जनजागरण अभियान चलाया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

 आजमगढ़ 07 सितम्बर-- जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया है कि खरीफ मौसम में फसल अवशेष जलाये जाने से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की रोकथाम किये जाने हेतु जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में अनुश्रवण सेल के गठन के साथ-साथ प्रत्येक दिन अनुश्रवण किये जाने के निर्देश/निर्णय के परिपालन हेतु जनपद स्तर पर अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए सेल का गठन किया जाता है। जिसमें अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सदस्य, जिला विकास अधिकारी सदस्य, उप कृषि निदेशक सदस्य/सचिव, जिला कृषि अधिकारी सदस्य, जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य, जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य, जिला गन्ना अधिकारी सदस्य, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी सदस्य हैं।
उपरोक्तानुसार गठित सेल से सम्बन्धित अभिलेखीय कार्यवाही एवं सेल से सम्बन्धित कार्यों के निर्वहन का दायित्व उप कृषि निदेशक/सचिव का होगा। उक्त गठित सेल धान एवं गन्ना कटने के समय से लेकर रबी में गेहूं की बुवाई तक प्रतिदिन फसल अवशेष जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिये की गई कार्यवाही की समीक्षा करते हुए प्रत्येक कार्य दिवस की रिपोर्ट प्रमुख सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, उ0प्र0 शासन को प्रस्तुत करने के दायित्व का निर्वहन होगा। कृषि विभाग एवं गन्ना विभाग के न्याय पंचायत एवं विकास खण्ड स्तरीय कर्मचारी द्वारा फसल अवशेष को जलाने की रोकथाम तथा इसके दुष्परिणामों के सम्बन्ध में कृषकों के मध्य व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराना सुनिश्चित करेंगे। जनपद के विद्यालयों/शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के माध्यम से फसल अवशेष न जलाये जाने से हो रहे प्रदूषण से आगाह करने हेतु जनजागरण अभियान भी चलाया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।


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