आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राम सिंह पूर्व प्रधानाचार्य व संचालन उपेंद्र सिंह पटेल ने किया।
आज़मगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के कृष्णा पटेल महाविद्यालय रोहुवार बैदौली में लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की मनाई गई।
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए बतौर मुख्यातिथि डाक्टर एचएन सिंह पटेल ने कहा कि-- भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को वैचारिक एवं क्रियात्मक रूप में एक नई दिशा देने की वजह से सरदार पटेल ने राजनीतिक इतिहास में एक अत्यंत गौरवपूर्ण स्थान पाया।
भाजपा नेता मनीष मिश्रा विशिष्ट अतिथि ने कहा कि--सरकार पटेल ने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई पास की जब वह लगभग 22 वर्ष के थे। उन्हें शुरू में राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी। 1917 में गांधीजी से मिलने के बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने और स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें स्वतंत्र भारतीय संघ में 500 से अधिक रियासतों के राजनीतिक एकीकरण का श्रेय दिया जाता है।
लौहपुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले गृहमंत्री थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। गुजरात में नर्मदा के सरदार सरोवर बांध के सामने सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची लौह प्रतिमा का निर्माण किया गया है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि- अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध अपने शिक्षण कार्य में ही आंदोलन शुरू कर दिया था वकील के रूप में उनका कोई जोड़ नहीं रहा है, किसानों गरीबों और जरूरतमंदों को सुखी देखना चाहते थे, किसानों के तमाम आंदोलनों का नेतृत्व किया जिसमें बारडोली में किसान आंदोलन वह चला वहां पर उन्हें सरदार की उपाधि मिली।
घनश्याम सिंह पटेल भाजपा नेता ने कहा कि-- एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्प लेकर अखंड भारत के महानायक महान स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न सरदार पटेल ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत का एकीकरण किया सरदार पटेल किसानों को समुचित सुरक्षा एवं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को प्रखरता से पालन करने वाले एक निष्ठा राष्ट्र भक्त थे।
विशिष्ट अतिथि हरमंदिर पांडे ने कहा कि-- सरदार पटेल को किसानों के हित में काम करने गरीब मजदूर मजलूम के खिलाफ हो रहे अत्याचार के संघर्षों में लड़ाई लड़ने का काम किया है अखंड भारत बनाने में योगदान रही है।
नारद पटेल ने कहा कि-- कोई भी राज्य प्रजा पर कितना ही गर्म क्यों न हो जाये, अंत में तो उसे ठंडा होना ही पड़ेगा।" "आपकी अच्छाई आपके मार्ग में बाधक है, इसलिए अपनी आँखों को क्रोध से लाल होने दीजिये, और अन्याय का सामना मजबूत हाथों से कीजिये।" "इस मिट्टी में कुछ अनूठा है, जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री राम सिंह ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन पर चर्चा करते हुए कहा कि हम सब को उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
राम सकल सिंह पटेल समाज सेवी सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मंच पर बैठे वक्ताओं में सच्चिदानंद सिंह, सुरेश कुमार सिंह, जयराम पटेल, नागेंद्र पटेल, अभय नारायण पटेल पूर्व विधायक, विजय पटेल, सतेंद्र सिंह पटेल, रमेश कुमार, डॉ जितेंद्र नाथ सिंह, अरविंद जायसवाल ,महातम यादव, राजदेव सिंह, परमानंद वर्मा, परमानंद सिंह पटेल ,राम सिंह पटेल प्रबंधक सपा नेता,शिवकुमार मौर्य, शंकर यादव आदि लोग रहे।
आयोजक मंडल आयोजक मंडल में विद्या सिंह पटेल, श्रीनिवास पटेल, सूर्यभान पटेल, राम सिंह पटेल, मुकेश कुमार, राजेश सिंह पटेल आदि रहे।