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पूर्व प्रेषित सैम्पल की जॉच रिपोर्ट आने के उपरान्त नए कंटेन्मेंट जोन की कार्यवाही।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 09 अक्टूबर-- जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण से बचाव तथा इस संदर्भ में उत्पन्न परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 01 अक्टूबर 2020 को संपूर्ण प्रदेश में रिओपन के संबंध में निर्देश जारी करते हुये, इनका अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये गये है। 
उन्होने बताया कि दिनॉक 08 अक्टूबर 2020 को जनपद में नोवेल कोरोना संक्रमण के पूर्व प्रेषित सैम्पल की जॉच रिपोर्ट आने के उपरान्त जनपद आजमगढ़ के 1-राजस्व ग्राम समेंदा, तहसील सदर, 2-राजस्व ग्राम देवली खालसा तहसील सदर, 3-मु0 सिधारी, नगर पालिका परिषद आजमगढ़, 4-राजस्व ग्राम कोलपाण्डेय, तहसील सदर, 5-राजस्व ग्राम रानीपुर तहसील सदर, 6-राजस्व ग्राम बिलारमऊ, तहसील फूलपुर, 7-राजस्व ग्राम खरकौली, तहसील निजामाबाद में व्यक्तियों के कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुयी है। 
 जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कन्टेनमेंट जोन के निर्धारण सम्बंध दी गयी व्यवस्था के अनुसार जनपद के 1-विनय सिंह के घर के आस पास, राजस्व ग्राम समेंदा, तहसील सदर, 2-रामबचन के घर के आस पास, राजस्व ग्राम देवली खालसा तहसील सदर, 3-सिद्धार्थ के घर के आस पास, मु0 सिधारी, नगर पालिका परिषद आजमगढ़, 4-उदय प्रताप के घर के आस पास, राजस्व ग्राम कोलपाण्डेय, तहसील सदर, 5-बालचन्द्र के घर के आस पास, राजस्व ग्राम रानीपुर तहसील सदर, 6-तेजबहादुर चैरसिया के घर के आस पास का क्षेत्र, राजस्व ग्राम बिलारमऊ, तहसील फूलपुर, 7-अनुसूचित जाति बस्ती, राजस्व ग्राम खरकौली, तहसील निजामाबाद का सम्पूर्ण क्षेत्र कन्टेनमेंट जोन होगा। 
इन क्षेत्रों में कन्टेनमेंट जोन प्रोटोकाल का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। जिसमें कान्टैक्ट ट्रेसिंग, चिकित्साधिकारी द्वारा किये गये रिस्क निर्धारण के आधार पर व्यक्तियों को होम/इन्स्टीच्यूशनल क्वारंटाइन किया जाना। इस हेतु ऑकलन सम्बंधित व्यक्ति के लक्षण, कन्फर्म्ड केस व उनके सम्पर्क की स्थिति तथा यात्रा इतिहास के आधार पर किया जायेगा। SARI (sever Accute Respiratiory Infaction), ILI (Infuenja Like Illnes) या दूसरे लक्षणों (भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्दिष्ट) वाले केसों की जॉच, विशेष रूप से गठित टीम द्वारा हाउस टू हाउस सर्विलांस, समस्त केसों का प्रोटोकाल के अनुसार नैदानिक प्रबंध (क्लिनिकल मैनेजमेंट), लोगों की काउन्सिलिंग व उन्हें इस सम्बंध में जागरूक करना एवं इस हेतु संचार प्रबंधन के प्रभावी उपाय करना, कन्टेनमेंट जोन में अत्यधिक सतर्कता बरती जायेगी तथा कड़े नियंत्रण लागू किये जायेंगे। इन क्षेत्रों (कन्टनमेंट जोन) के अन्दर एवं बाहर किसी भी व्यक्ति, वाहन इत्यादि को आवागमन की अनुमति नहीं होगी सिवाय ऐसी स्थिति के जो चिकित्सकीय आपातकालीन स्थिति और आवश्यक वस्तुओं/सेवाओं की आपूर्ति से सम्बंधित हो। इस सम्बंध में भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।

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