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एम्बुलेंस में हुआ सुरक्षित प्रसव, एंबुलेंसकर्मी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, की प्राथमिक देखरेख।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 06 अक्टूबर-- जिलाधिकारी राजेश कुमार स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ कराने के लिए सक्रिय हैं। उसका असर भी अब दिखने लगा है।
प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया। एम्बुलेंस में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ने इस दौरान महिला को स्वास्थ्य संबंधी मदद की। महिला और बच्चे को तहबरपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह वाक्या शनिवार सुबह का है, जब 102 नम्बर की एम्बुलेंस के ईएमटी मनोज कुमार के पास फोन आया कि तहबरपुर ब्लाक के बड़सरा गांव के चंद्रभान की पत्नी वंदना की हालत बहुत गंभीर है। मरीज का नाम-पता स्पष्ट होते ही एम्बुलेंस उन्हें लेने उनके घर के लिए निकल गई। एम्बुलेंस के ईएमटी मनोज कुमार ने बताया कि बड़सरा गांव पहुंचने पर मरीज वंदना काफी गंभीर स्थिति में कराहते दिखीं। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस में लाया गया और लेकर तहबरपुर अस्पताल के लिए चल दिए। गांव के रास्ते पर ही थे कि महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दे दिया। बच्चे का जन्म होने के बाद महिला को प्राथमिक उपचार देते हुए उसे तहबरपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। 
अस्पताल से निकल कर अपने मायके पहुंच चुकी वंदना से जब एम्बुलेंस तथा अस्पताल स्टाफ से मिले सहयोग के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने दोनों ही जगहों से मिले सहयोग पर अपनी संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस के स्टाफ और अस्पताल से उन्हें पूरी मदद मिली।
एम्बुलेंस के नोडल तथा एसीएमओ डाॅ0 एके सिंह का कहना है कि एम्बुलेंस के अंदर प्राथमिक उपचार की पूरी व्यवस्था रहती है। प्रसव या दुर्घटना जैसे मामलों में मरीज को जरा भी परेशानी नहीं होने पाती। एम्बुलेंस के अंदर मरीज की देखभाल के लिए बहुत ही प्रशिक्षित स्टाफ रहता है इसलिए कोई भी दिक्कत नहीं होती।

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