आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
तीन दिनों के लक्ष्य में एसीएफ अभियान की 99 प्रतिशत से ज्यादा उपलब्धि।
आजमगढ़ 08 नवंबर-- जिले में दो नवम्बर से चल रहे सक्रिय क्षय रोग खोजी अभियान में तीन दिनों के लिए लक्ष्य जनसंख्या के 99 प्रतिशत तक स्वास्थ्य विभाग पहुंच चु्का है। इनमें से 309 लोगों में क्षय रोग से मिलते-जुलते लक्षण मिले हैं। जांच के दौरान 16 व्यक्ति क्षय रोग के मरीज निकले, इन 16 लोगों में से 14 का इलाज शुरू हो चुका है। यह अभियान 11 नवंबर तक चलेगा, अभियान एक साथ सभी 12 ब्लाकों में चल रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा0 परवेज अख्तर ने बताया कि दो नवम्बर से जिले की पांच लाख से ज्यादा की आबादी में सक्रिय क्षय रोगियों को खोजने का काम चल रहा है। इसमें से 1.52 लाख लोगों तक दो, तीन और चार नवंबर तक पहुंच जाना था। जिले के क्षय रोग विभाग की टीम तीन दिनों में 1.51 लाख लोगों की जांच कर चुकी थी। एक तरह से यह तीन दिनों के लिए निर्धारित लक्ष्य का 99 प्रतिशत से ज्यादा है।
डॉ0 परवेज़ ने बताया कि टीबी मरीज के बलगम की जांच सीबीनाट मशीन से कराई जा रही है ताकि उनके अंदर ड्रग रेजिस्टेंस टीबी का पता लगाया जा सके। ड्रग रेजिस्टेंस का मतलब टीबी की दवा काम कर रही है कि नहीं। जिन्हें दवा काम नहीं करती है उन्हें मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (एमडीआर टीबी) कहते हैं। ऐसे रोगियों को नोडल टीआरटीबी सेंटर बीएचयू वाराणसी भेजकर उपचार निर्धारित कराया जाता है। उपचार निर्धारित हो जाने के बाद उसे नजदीक ही उपचार की सुविधा बहाल कराई जाती है। अभी तक एमडीआर टीबी का कोई रोगी नहीं मिला है।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक पीयूष अग्रवाल ने बताया कि अभी तक जो 16 टीबी के मरीज मिले हैं वे सामान्य टीबी के मरीज हैं। इस तरह से 5.05 लाख जनसंख्या की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।