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अधिवक्ताओं ने हाथों में चूड़ियां पहनकर महिलाओं के सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और गैर बराबरी को मिटाने का दिया संदेश।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आज़मगढ़: महिला दिवस के अवसर पर तहसील निज़ामाबाद में भारतीय सांस्कृतिक सहयोग एवं मैत्री संघ से जुड़े अधिवक्ताओं ने अपने कार्य स्थल पर हाथों में चूड़ियां पहनकर महिलाओं के सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और गैर बराबरी को मिटाने का संदेश दिया।
सोमवार को तहसील निज़ामाबाद में अधिवक्ता जितेंद्र हरि पांडेय और साथियों द्वारा अपने चैंबर और कार्य के दौरान हाथों में दिनभर चूड़ियां पहन रखे थे जो लोगों में चर्चा का विषय बना रहा।इस मौके पर अधिवक्ता और इसकफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र हरि पांडेय ने पूछने पर बताया कि इस अभियान की शुरुवात साहित्य उपक्रम के संपादक,पूर्व डीजीपी हरियाणा विकास नारायण राय ने हरियाणा और दिल्ली के आस-पास कई वर्षों इस मुहिम को चला रहे हैं।पुरुष वर्ग जब आवेश में होता है तब वह जोर देकर कहता है कि हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी है जो समाज मे प्रचलित मुहावरा बन चुका है।महिला-पुरुष के बीच इस तरह की गैरबराबरी और स्त्री के प्रति पुरुष की नकारात्मक सोच को बदलने के लिये आज के दिन इस अभियान से जुड़े लोग अपने कार्यस्थल पर हाथों में चूड़ियां पहनकर महिलाओं की खातिर इसे एक सामाजिक आंदोलन के रूप में देखते हैं।सामाजिक कार्यकर्ता कमला सिंह तरकश ने कहा कि नारी प्राकृतिक रूप से सृष्टिकर्ता और परिवार की व्यवस्थापक है।उसके कार्यों में आने वाले व्यवधान हटा दिये जांय तो वह समाज को सर्वोत्तम सामाजिक व्यवस्था दे सकती है।हमें नारी पर कृपा करने के बजाय उसे नेतृव का मौका दें जिससे परिवार और समाज का भला होगा।
इस अवसर पर इसकफ जिलामंत्री अशोक कुमार यादव एडवोकेट, अब्दुल्लाह एडवोकेट, जमालुद्दीन खान एडवोकेट, अजय कुमार तिवारी,महफूज खान आदि अपने हाथों में चूड़ियां पहनकर हाथों में तख्तियां लिये महिला अधिकार,सुरक्षा और सम्मान के नारे भी लगाये।

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