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पुलिस ने अंग्रेज के जमाने की बर्बरता को भी पीछे छोड़ा।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

21 अप्रेल को होनी थी शादी।

आरोपी के ना मिलने पर पुलिस ने विधवा मां और 21 अप्रैल को शादी होने वाली बहन को भेजा जेल।

ग्रामीणों ने मानवाधिकार आयोग से लगाई गुहार।

आज़मगढ़: जीयनपुर कोतवाली के छपरा सुलतानपुर गांव में रविवार को आरोपी के खिलाफ एफ आई आर दर्ज न होने पर ग्रामीण उतरे सड़क पर
जाम कर रहे ग्रामीण और पुलिस में दोनों तरफ से चले लाठी व ईट पत्थर में पुलिस ने गांव के चिन्हित एक आरोपी चंचल सिंह पुत्र स्व0 दीनानाथ सिंह के ना मिलने पर घर में तोड़फोड़ की शादी में देने वाले सामानों को तहस-नहस कर दिया और उसकी बहन जिसकी शादी 21 अप्रैल  को होने वाली है और उसकी मां को थाने ले आए तथा संबंधित धाराओं में चालान कर दिया ।
परिवार के लोगों ने पुलिस अधिकारियों की बड़ी मिन्नतें  की बदले में शादीशुदा बहनो ने जेल जाने के लिए कहां पर पुलिस ने उनकी एक न सुनी ।रविवार को पुलिस ने बर्बरता पूर्वक कई घरों में तोड़फोड़ की जो पुलिस के बर्बर चेहरे की पराकाष्ठा को याद दिलाते हैं।
 इसके बाद लोगों ने कप्तान के यहां भी लड़की को बख्शने की गुहार लगाई लेकिन कोई असर न हुआ जीयनपुर पुलिस ने 35 नामजद व डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया ।
इस कार्रवाई से गांव में दहशत का माहौल है आसपास के कई गांवों के लोग घर छोड़ कर पलायित हो गए हैं क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है ग्रामीणों ने मानवाधिकार आयोग वह सरकार से पुलिस के इस कृत्य की जांच की मांग की है।


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