आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़: रमजान के मुकद्दस महीने मे यूं तो सभी मोमिन रोजा रख रहे है .और कोरोना के खात्मे के लिए दुआएं भी की जा रही है, पर एक मासूम रोजेदार ने अपना पहला रोजा रख खुदा से मुल्क से कोरोना के खात्मे की दुआ मांगी है। खुदा से मासूम ने कुछ इस अंदाज में दुआ की है कि सब उसके कायल हो गए हैं।
मासूम ने खुदा से दुआ करते हुए कहा कि ए मेरे रब मेरे पहले रोजे के सदके में मेरे मुल्क से कोरोना वायरस बीमारी का खात्मा कर दे।
मुकद्दस रमजान के रोजे यूं तो बड़ों पर फर्ज है पर मुबारक माह के रोजे रखने में मासूम रोजेदार भी पीछे नहीं है। इनकी उम्र पर इबादत और रोजे भारी है। आपको बता दे की आज़मगढ़ जिले के सगड़ी तहसील के कस्बा सगड़ी गाँव निवासी जावेद खान के पुत्र जूहेब खान रमजान का रोजा रखकर इबादत कर रहे है। कहते है मन सच्चा और इरादा पक्का हो तो सारी कायनात आपकी मदद करने को उतर आती है। 7 वर्ष एक माह और 27 दिन के जुंहेब खान ने मां बाप से जिदकर रोजा रखा तो सबको फिक्र थी कि इतनी कम उम्र में गर्मी की तपिश में उनका लाल रोजा कैसे पूरा कर पायेगा। पर जुहेब खान ने अपना पहला रोजा पूराकर खुदा का शुक्र अदा किया। वही जूहेब खान ने बताया कि अपना पहला रोजा रख खुदा से मुल्क से कोरोना के खात्मे की दुआ मांगी है। खुदा से मासूम जूहेब खान ने कुछ इस अंदाज में दुआ की है कि सब उसके कायल हो गए हैं।
जूहेब खान ने खुदा से दुआ करते हुए कहा कि ए मेरे रब मेरे पहले रोजे के सदके में मेरे मुल्क से कोरोना वायरस बीमारी का खात्मा कर दे।
वही जूहेब खान के पिता जावेद खान ने बताया कि- बेटे की जिद के आगे झुकना पड़ा बेटे ने अपना रोजा पूरा किया है। वही लोगों की मानें तो जूहेब खान सबसे कम उम्र में रोजा रखने वालों में से एक है।