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कोरोना से डरना नहीं लड़ना है– डॉ० वाई के राय

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: शैलेंद्र शर्मा

सकारात्मक विचार को अपने व्यवहार में करें शामिल।

आजमगढ – 18 मई 2021:- कोरोना के कहर को समझने और उससे निपटने में लोगों को मानसिक पीड़ा से भी गुजरना पड़ा। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर लोगों के मनोबल और मानसिक अवस्था पर भी गहरा असर डाल रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ ए के मिश्रा ने कहा कि हमारे व्यवहारिक जीवन में अचानक कोई परिस्थिति ऐसी आ जाती है तो उसका समाधान हम मानसिक रूप से उस पर चिंतन कर निकालने लगते हैं, लेकिन इसमें थोड़ा समय लगता है | उस परिस्थिति में धैर्य, बैचनी, चिंता, घबराहट, डर आदि का समावेश मानसिक स्तर पर रहता है | इस वैश्विक आपदा में हमें बीमारी से लड़ने की जरूरत नहीं है बल्कि अपने मानसिक स्तर को सकारात्मक बनाये रखने की जरूरत है।
जिला मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी  डॉ वाई के राय ने कहा कि सूचनाएँ हमारे व्यवहार एवं मन दोनों को प्रभावित करती हैं | यदि कोई यह कहता है कि अमुक व्यक्ति अच्छा नहीं है तो हमारे मन में उस व्यक्ति जैसी एक विचारधारा बन जाती है | ठीक वैसे ही कोरोना के बारे में सोशल मीडिया, व्हाट्ससप, फ़ेसबूक, ट्विटर की सूचनाएँ देख कर सुनकर मानसिक रूप से भयभीत, चिंतित व अवसाद से ग्रसित हो रहे हैं | जिस वजह से उनका व्यवहार एवं स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है | किसी भी परस्थिति में पॉज़िटिव विचारों के बारे सोचता है, चाहे वह कैसी भी परिस्थितीत हो, शरीर में एक अलग तरह का हार्मोन्स का श्राव होता है| जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है जिससे शारीरिक एवं मानसिक स्तर और भी मजबूत होता है | इसके बाद शरीर हर स्थिति में परिस्थिति का सामना कर लेता है | 
डॉ वाई राय ने कहा कि कोरोना महामारी से घबराएं नहीं, प्रतिदिन सुबह – शाम प्राणायाम, योगा, शारीरिक व्यायाम करें | घर में बंद है यह विचार न लाए, बल्कि यह विचार लाएं कि घर में रहना का मौका मिला है, परिवार में हँसी – खुशी का माहौल बनाएं | बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं बच्चों को भी अकेला न रहने दें | उनके साथ सुबह – शाम खेलने का समय बनाएं | अपनी और बच्चों के रुचि के अनुरूप मनपसंद किताबें पढ़ें | प्रतिदिन कुछ अपने या बच्चों के पसंद अनुसार भोजन बनाएं | मनपसंद गाना लगाएं | घर के बुजुर्गों को भी इन कार्यक्रम में शामिल करें | जरूरत हो तभी घर से बाहर जाएं और दोहरे मास्क का प्रयोग अवश्य करें | साथ में सेनेटाइजर जरूर ले कर जाएं | बाहर किसी भी वस्तु को छूने के बाद हाथ सेनेटाइज जरूर करें और ऐसी सूचनाएँ न देखें, न ही पढ़ें, जिससे नकारात्मक विचार उत्पन्न हों।

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