आज़मगढ़।
रिपोर्ट: शैलेंद्र शर्मा
आजमगढ़। पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद व्याप्त हिंसा पर रोक लगाने की मांग को लेकर विश्व हिन्दू परिषद फूलपुर इकाई द्वारा राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी फूलपुर को सौंपा गया। पत्रक में मांग की गयी कि अपने संविधान प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए बंगाल में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सख्त आदेश दिया जाय ताकि बंगाल का हिन्दू समाज शांतिपूर्वक जीवन यापन कर सकें और न्याय व्यवस्था स्थापित हो सकें। साथ ही अपराधी तत्वों के खिलाफ कठोर कार्यवाही किया जाय और पीड़ितों के साथ न्याय हो सकें।
एसडीएम सौंपे गये ज्ञापन में जिला संयोजक वैभव चौरसिया ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल टीएमसी के समर्थकों व जेहादियों ने जिस प्रकार हिंसा व तांडव पश्चिम बंगाल किया है वह चिंताजनक है। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ही इस हिंसा की पठकथा लिखी जा चुकी थी जो भारतीय लोकतन्त्र के लिए काला पृष्ठ है। उन्होने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव प्रचार में दी गयी धमकी का जिक्र करते हुए कहाकि उन्हीं के इशारे पर टीएमसी समर्थकों ने जेहादियों के साथ मिलकर निर्दोष लोगों की कु्ररतापूर्वक हत्या कर दी। घरां व दुकानां को लूटा व जलाया और मंदिरों पर हमले किये गये। जिससे पूरा बंगाल भयाक्रांत है।
जिला सह संयोजक प्रशांत सिंह ने बताया कि इस पूरे कृत्यों पर पश्चिम बंगाल का प्रशासन मूकदर्शक बनकर हिंसक तत्वों का सहायक दिखाई पड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। ममता बनर्जी के शासनकाल में वहां का हिन्दू समाज त्रस्त रहा है। अगर बंगाल के प्रशासन को नियन्त्रित नहीं किया गया तो आगामी पांच साल में बंगाल का हिन्दू समाज एक अभिशप्त जीवन जीने के लिए मजबूर हो जायेगा। उन्होने आशंका व्यक्त की ऐसी स्थिति में कुछ स्थानों पर हिन्दू समाज आत्मरक्षा के लिए स्वयं कुछ उपाय करने को विवश हो जायेगा।
दोनों ही परिस्थितियों पर विहिप ने चिंता जतायी है।
इस मौके पर सोशल डिस्टिसिंग के साथ जिलाध्यक्ष अनिल सोनी, जिलामंत्री वरूण पाठक, जिला सह मंत्री जगन्नाथ बर्नवाल मौजूद रहे