आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
टिकट हथियाने को लेकर हरैया ब्लाक के भाजपाइयों में खींचतान तेज।
आज़मगढ़: आगामी होने वाले ब्लॉक प्रमुख से जिला पंचायत अध्यक्ष तक के चुनाव को लेकर हर पार्टियों में राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है। राजनीतिक पार्टियां अपने समर्थक को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। तो वही हरैया ब्लाक प्रमुख का चुनाव चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां भाजपा के दो कार्यकर्ता टिकट हथियाने के लिए अपनी अपनी जोर आजमाइश कर रहे हैं।
लेकिन बीजेपी किसको टिकट देगी? और कौन भगवा बिग्रेड का परचम लगरायेगा? यह तो वक्त बताएगा।
एक तरफ सारिका पटेल जो बीजेपी की कार्यकर्ता होने की ताल ठोक कर टिकट की दावेदारी पेश कर रही हैं, तो वही दूसरी तरफ पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष सिंह एक बार फिर दांव आजमाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने समर्थक के लिए बीजेपी का टिकट मांग रहे हैं। ऐसी स्थिति में भाजपा किसके ऊपर विश्वास जताएगी और भगवा बिग्रेड का सारथी किसको बनाएगी यह यक्ष प्रश्न है?
चूंकि इस बार सपा बसपा दूर-दूर तक चुनावी मैदान में नहीं दिख रही हैं, वही एक समय ऐसा भी था। जब हरैया ब्लाक प्रमुखी के चुनाव में सपा बसपा का चुनावी दंगल हुआ करता था।
चूंकि सरकार बीजेपी की है, तो जाहिर सी बात है की बीजेपी किसी भी हद तक चुनाव जीतने की हर सम्भव कोशिश करेगी।
ओबीसी सीट होने के कारण अब तक 2 नाम सामने आए हैं। सारिका पटेल जो एक समर्पित कार्यकर्ता तो दूसरा संदीप पटेल जो एक समर्थित भाजपाई हैं। हरैया से प्रमुख पद के उम्मीदवार संदीप पटेल का समर्थन भाजपा नेता व वर्तमान प्रमुख रही दुलारी देवी के प्रतिनिधि संतोष सिंह व उनके समर्थक कर रहे हैं और उसी के सहारे एक बार फिर सन्तोष सिंह अपना भाग्य आजमा रहें हैं। तो वही दूसरी तरफ चुनावी गणितज्ञों का मानना है कि- बीजेपी के तमाम दिग्गजों के साथ अन्य पार्टियों के लोग भी सारिका पटेल के समर्थन में है। एक तरफ संतोष सिंह अपने समर्थक के लिए टिकट मांग रहे हैं। तो दूसरी तरफ सारिका पटेल खुद अपने लिए टिकट मांग रही है। ऐसे में बीजेपी किसके ऊपर दांव आजमाएगी यह तो भविष्य के गर्भ में है। हरैया ब्लाक क्षेत्र में कुल 100 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं, जिसमें एक क्षेत्र पंचायत सदस्य की मौत हो चुकी है । अब इन क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या कुल 99 है। जिसमें राजपूत 8, भूमिहार 7, ब्राह्मण 1, मल्लाह, 2, चौहान 2, अनुसूचित 28, धोबी, सोनार, पासी मिलाकर 4, मुसलमान 7, गोंड़ 1, पटेल 15, व यादव 24 हैं।
क्षेत्र में चुनावी गुणा गणित के माहिर राजनीतिज्ञों की माने तो संदीप को प्रमुखी का चुनाव जीताने के लिए संतोष सिंह पूरी तरह अपनी ताकत झोंक चुके हैं। वही दूसरी तरफ भाजपा के तमाम दिग्गजों के साथ अन्य भी सारिका पटेल के साथ लगे हुए हैं।
ऐसे में बीजेपी भी उन्हीं पर दांव खेल सकती जिसके पास ज्यादा समर्थन हों। आखीरी फैसला किसके पक्ष में आएगा? कौन भाजपा का सारथी बनेगा? यह तो पार्टी के लोग ही जाने लेकिन भाजपाइयों की खेमेबंदी और रस्साकशी अभी से तेज हो गई है।
