आज़मगढ़।
रिपोर्ट: शैलेंद्र शर्मा
जिस वक्त हम लिखेंगे शहीदों की दास्तां/ तारीख की रगों में लहू दौड़ जाएगा!
लेख: 3 जून 1857 की रात 9:00 बजे के आसपास ड्रम बजा, दो गोलियों की आवाज कलेक्ट्रेट कचहरी में सुनाई दी,पता चला कि बगावत हो गई। यह बगावत स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गई। प्रमुख इतिहासकारों ने आजमगढ़ के इस विद्रोह को पूर्वांचल के लिए "मशाल की भूमिका" के तौर पर लिखा है।
जनवादी लोक मंच,आज़मगढ़ के तत्वाधान में "3 जून 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक भूमिका को किस प्रकार अक्षुण बनाया जाए" विषय पर संगोष्ठी सामयिक कारवां कार्यालय पर संपन्न हुई।
वक्ताओं ने कहा कि 10 मई 1857 को मेरठ की छावनी से प्रारंभ प्रथम स्वाधीनता संग्राम की ज्वाला 3 जून 1857 को आजमगढ़ में पहुंची।कलेक्ट्री कचहरी,पुलिस लाइन तथा ट्रेजरी ऑफिस पर कब्जा कर जेल के फाटक को तोड़ कैदियों को आजाद किया।
7 लाख का ब्रिटिश खजाना लूटा गया, अंग्रेजों के परिवारों को सुरक्षित गाजीपुर व बनारस भेजा, लेफ्टिनेंट हचिंग्सन मारा गया। इस विद्रोह का प्रभाव पूरे पूर्वांचल पर पड़ा और जौनपुर फैजाबाद,वाराणसी सहित तमाम जगहों पर विद्रोह शुरू हो गया।1857- 58 में कुल 3 बार में 81दिन दिन तक आज़मगढ़ कंपनी राज से आज़ाद रहा।
इस संग्राम में बोधु सिंह यादव, रामटहल सिंह, माधव सिंह,परगना सिंह,गंगा सिंह, हरनाम सिंह, जालिम सिंह,रज्जब अली,जगबंधन सिंह,पृथ्वीपाल सिंह,इरादत जहां,मुजफ्फर जहां गोगा साहू, भीखू साहू और वीर कुंवर सिंह के नाम प्रसिद्ध हैं। सभी शहीदों को सम्मानपूर्वक याद करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
ब्रिटिश गुलामी की मुक्ति के बाद भी अभी कंपनी राज व लूट से मुक्ति की लड़ाई देश के किसान मजदूर,कर्मचारी,छात्र, नौजवान व आमजन पूरे देश में लड़ रहे हैं। इसलिए आजमगढ़ के 3जून 1857 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की लौ को बुझने नहीं देना है क्योंकि ये संग्राम भी कंपनी राज के विरुद्ध ही लड़ा गया था।
वीर कुंवर सिंह की मूर्ति,कुंवर सिंह उद्यान आज़मगढ़ में लगाने की अपनी पूर्व मांग को जिला प्रशासन से दोहराया गया।
अध्यक्षता अनिल चतुर्वेदी संचालन राहुल ने किया।कार्यक्रम में इंद्रासन सिंह,डॉ रवींद्र नाथ राय,महताब आलम,संदीप,ताहा कौसर, अजीत यादव,मृत्युंजय,कन्हैया लाल आदि ने कार्यक्रम में भाग लिया।
संदीप ने अजीमुल्ला खां द्वारा रचित प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के राष्ट्र गीत "हम है इसके मालिक, ये हिन्दुस्तां हमारा" गाया और राहुल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अजीजन बाई के गीत "जागो, उठो अब हुआ विहान" गाया।


