आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
इस सड़क के हालत की दुर्दशा सभी के हैं संज्ञान में पर सभी हैं मौन।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी नहीं दिखाई गंभीरता।
आए दिन होती हैं दुर्घटनाएं, बरसात में और भी होती है परेशानी।
आज़मगढ़। सगड़ी तहसील के पकवाइनर चुनाहवा सगड़ी संपर्क मार्ग वर्षों खराब पड़ा है। आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं लोग घायल होते हैं, सबसे ज्यादा दिक्कत इस रोड के अगल-बगल के रहने वाले लोगों को होती है। बरसात जब भी आता है, तक सड़क पर रुका हुआ पानी इनके घरों तक पहुंचने की कगार पर आ जाता है।
राहगीर दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो जाते हैं लेकिन किसी से कुछ कह नहीं पाते। वर्षों से खराब पड़ी सड़क की हालत को सुधारने का किसी भी अधिकारी कर्मचारी से लेकर जनप्रतिनिधि ने अब तक जिम्मा नहीं लिया। जबकि इस सड़क की दुर्दशा की जानकारी सबको है।
राहगीर दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो जाते हैं लेकिन किसी से कुछ कह नहीं पाते। वर्षों से खराब पड़ी सड़क की हालत को सुधारने का किसी भी अधिकारी कर्मचारी से लेकर जनप्रतिनिधि ने अब तक जिम्मा नहीं लिया। जबकि इस सड़क की दुर्दशा की जानकारी सबको है।
हां एक बात तो जरूर है जब भी चुनाव आता है तो इसको लेकर तमाम वादे भी होते हैं शायद चुनाव में यह एक मुद्दा भी होता है कि इस मार्ग को हम पूरी तरह से बेहतर कर देंगे लेकिन चुनाव जैसे ही बीता नेताजी गायब हुए और इस रास्ते से गुजरना मुनासिब भी नहीं समझते। बरसात में तो इस मार्ग की हालत बद से बदतर हो जाती है इसी रास्ते से स्कूली छात्र भी गुजरते हैं छोटे-छोटे बच्चे जाते हैं जो गड्ढे में गिरते पड़ते रहते हैं और घायल भी होते हैं।
वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले वर्षों में एक दो बच्चों की गिरने से मौत भी हो गई। लेकिन उसके बावजूद भी अभी तक किसी ने भी इस दुर्दशा को गंभीरता से नहीं लिया।
बरसात का मौसम आ गया है अब यहां के लोगों को जिल्लत झेलना ही पड़ेगा, क्योंकि जिम्मेदार आंखें बंद करके गहरी नींद में सोए हैं। लेकिन आने वाले चुनाव के मद्देनजर कुछ ही महीने बाद वादों की भरमार लेकर इन्हीं रास्तों से गुजरते हुए नेता जी भी आएंगे, विकास की हुंकार भरेंगे, और फिर बस मुंह से ही इस सड़क का नवनिर्माण हो जाएगा।
फिलहाल यह सड़क क्यों नहीं बन पा रही है,फाइलों में ही कोई टेक्निकल फाल्ट है या फिर किसी का ध्यान ही नहीं है।, यह तो जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि ही जाने। लेकिन यहां की स्थानीय जनता इस बात को लेकर हमेशा कोसती है कि- आखिर कब हमें इस जिल्लत भरे हालात से छुटकारा मिलेगा।



