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ऐसे तो दो हजार छात्रों का भविष्य ही हो जाएगा चौपट।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

खंड शिक्षा अधिकारी ने बाढ़ प्रभावित छात्रों को स्कूल आने से रोका।

अपने रिस्क पर बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं अभिभावक। 

आजमगढ़: सगड़ी तहसील के हरैया ब्लाक में 21प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के गांव में चौतरफा पानी जमा हो गया है।  छात्र नाव के सहारे ही पढ़ने के लिए स्कूल जा सकते हैं। किसी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्रों को स्कूल आने से मना कर दिया है। जिससे विद्यालय खुलने के बाद भी छात्र शिक्षा से वंचित हो गए। 
हरैया विकासखंड के तेरह प्राइमरी स्कूल, चार कंपोजिट विद्यालय और चार जूनियर हाई स्कूल बाढ़ की चपेट में है। इन विद्यालयों में अट्ठारह सौ 30 छात्र पंजीकृत हैं। प्राथमिक विद्यालय पटवार, कपोजिट विद्यालय अभवन पट्टी, अचलनगर प्राथमिक विद्यालय बगहवा, प्राथमिक विद्यालय देवारा खास राजा फर्स्ट, प्राथमिक विद्यालय द्वारा राजा खास सेकंड, चक्की हाजीपुर, आराजी देवारा मगरवी, जूनियर हाई स्कूल सोनोरा, जूनियर हाई स्कूल आराजी अजगरा मगर्बी सरजू नदी की बाढ़ की चपेट में है।

 खंड शिक्षा अधिकारी हरैया राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ आ जाने से छात्रों के विद्यालय आने का मात्र एक साधन नाव है। कई बार नाव से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। छात्रों के साथ कोई दुर्घटना ना हो इस नाते नाव से आने वाले बच्चों को विद्यालय आने से मना कर दिया गया है।अभिभावकों को निर्देशित किया गया है यदि आपने संसाधन से बच्चों को विद्यालय ला सकते हैं तभी बच्चों को विद्यालय भेजें। शिक्षा विभाग के इस फरमान से तथा नदी में आई भीषण बाढ़ से लगभग 2000 छात्रों का भविष्य चौपट होने के कगार पर पहुंच गया है। इसकी चिंता भी देवारा वासियों को दिन रात खाए जा रही है।

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