आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
वैज्ञानिक विधि से खेती करने की आवश्यकता।
केले की खेती से किसानों को फायदा पहुंचा।
केले की खेती भी आमदनी का स्रोत।
आज़मगढ़ : परंपरागत फसलों की बजाय केले की खेती कर सगड़ी तहसील क्षेत्र के किसान ज्यादा लाभ कमा रहे हैं।
आजमगढ़ गोरखपुर मुख्य मार्ग स्थित धनछुला गांव के समीप ही केले की बड़ी बगिया तैयार कर वहां के स्थानीय किसान अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। किसानों के अनुसार धान व गन्ने की खेती करने की बजाय केले की खेती करना ज्यादा लाभदायक है।
केले की खेती करने वाले किसान अन्य किसानों को भी केले की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वहीं बागवानी विभाग भी किसानों को केले की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केले की रोपाई के लिए जून-जुलाई सही समय है। सेहतमंद पौधों की रोपाई के लिए किसानों को पहले से तैयारी करनी चाहिए। जैसे गड्ढ़ों को जून में ही खोदकर उसमें कंपोस्ट खाद भर देना चाहिए। जड़ के रोगों से छुटकारा पाने के लिए पौधे वाले गड्ढे में ही नीम की खाद डालें। केंचुआ खाद डालने से अलग ही असर दिखता है। उन्होंने बताया कि केला लंबी अवधि का पौधा है। इसलिए सिंचाई का उचित प्रबंध होना जरूरी है। केले के पौधों को कतार में लगाएं तथा लगाते समय हवा और सूर्य की रोशनी का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।