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150 महिला बीट पुलिस अधिकारियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर

आजमगढ़ 13 मई-- महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने तथा उनके मध्य सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से एवं महिला बीट प्रणाली के सुदृढ़ीकरण की दिशा में लगभग 150 महिला बीट पुलिस अधिकारियों को नेहरू हाल के सभागार में दो दिवसीय (13 व 14 मई 2022) प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओं हेतु संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं/जन कल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
स्वतः रोजगार विभाग की तरफ से महिला बीट पुलिस अधिकारियों को ग्रामीण आजीविका मिशन के बारे में बताया गया कि यह मिशन 2011 से प्रारम्भ हुआ है। जनपद में 1853 ग्राम पंचायत हैं, समस्त ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। 10 से 20 महिलाएं मिलकर समूह का गठन करती हैं, एवं 6 से 14 समूह मिलकर ग्राम संगठन का निर्माण करते हैं। ग्राम संगठन से सीएलएफ का निर्माण किया जाता हैं। इसी के साथ ही बीसी सखी, उद्योग सखी के कार्यां के बारे में भी बताया गया। बीसी सखी को अच्छे काम करने पर प्रतिमाह 4000 रू0 धनराशि प्रदान की जाती है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
स्वास्थ्य विभाग से डिप्टी सीएमओ डॉ0 संजय ने एम्बूलेंस सेवा 102 एवं 108 के सम्बन्ध में बताया। उन्होने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत प्रसव उपरान्त 1400 रू0 का लाभ मिलता है एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना में 5000 रू0 मिलता है।
महिला कल्याण विभाग से महिला कल्याण अधिकारी/सहायक नोडल अधिकारी प्रशिक्षण श्रीमती प्रीती उपाध्याय ने महिला कल्याण विभाग के अन्तर्गत संचालित योजनाओं में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बाल सेवा योजना कोविड/सामान्य के बारे में विस्तार से बताया। उन्होने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में बताया कि इस योजनान्तर्गत 06 श्रेणियों में लाभार्थियों को लाभ दिया जाता है, जिसमें प्रथम श्रेणी के अन्तर्गत बालिका के जन्म होने पर 2000 रू0, द्वितीय श्रेणी में बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त 1000 रू0, तृतीय श्रेणी में कक्षा 1 में बालिका के प्रवेश करने पर 2000 रू0, चतूर्थ श्रेणी में कक्षा 6 में बालिका के प्रवेश करने पर 2000 रू0, पंचम श्रेणी में कक्षा 9 में बालिका के प्रवेश करने पर 3000 रू0 एवं 6वीं श्रेणी में ऐसी बालिकाएं जिन्होने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक-डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो 5000 रु0 दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी उ0प्र0 का निवासी हो, स्थायी निवास प्रमाण पत्र उसके पास हो, लाभार्थी के परिवारिक वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख रू0 हो, किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के सीडीपीओ पल्हनी केके सिंह ने बताया कि 1000 की आबादी पर एक आंगनवाड़ी केन्द्र की स्थापना की जाती है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं नियुक्त होती हैं। इन आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों को लाभ पहुॅचाया जाता है। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा भी गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों की काउन्सलिंग की जाती है। 
मनरेगा विभाग से अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी जजेन्द्र द्वारा बताया गया कि मनरेगा योजना 2006 से प्रारम्भ किया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामों में निवास करने वाले परिवारों, जिनको रोजगार नही मिलता है, उन्हें गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना है। मनरेगा के अन्तर्गत व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक तौर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। मनरेगा के अन्तर्गत कार्य करने पर प्रतिदिन 213 रू0 की दर से मजदूरी दिया जाता है। 
इसी के साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, आपदा प्रबन्धन द्वारा अपने-अपने विभागों के अन्तर्गत संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। 
जिला विकास अधिकारी/नोडल अधिकारी प्रशिक्षण रवि शंकर राय ने महिला बीट पुलिस अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण उपरान्त अपने आवंटित क्षेत्रों में बेसहारा/तलाक शुदा, विधवा, परितक्य महिलाओं पर विशेष ध्यान देते हुए सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करें। इसी के साथ ही महिला बीट प्रणाली के अन्तर्गत अपने-अपने आवंटित बीट में जाकर पंचायत भवन/मिशन शक्ति कक्ष में चौपाल के माध्यम से भी जरूरतमंद महिलाओं को योजनाओं से जागरूक करें। उन्होने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जितनी भी जानकारी प्राप्त हो रही है, इससे जरूरतमंद लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाएं एवं अपनी जानकारी को दुसरों से भी शेयर करें। आगे उन्होने बताया कि उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत कल दिनांक 14 मई 2022 को पूर्वान्ह 10 बजे से नेहरू हाल के सभागार में महिला बीट पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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