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उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति- 2019, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार पर बैठक आयोजित।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर

आजमगढ़ 13 मई-- मंडलायुक्त  विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति- 2019,  कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार पर आज मंडलायुक्त के सभागार में बैठक आयोजित की गई।
 बैठक में नीति का विजन, नीति का उद्देश, कार्यान्वयन के लिए रणनीत, कार्यान्वयन का ढांचा,  मंडल स्तरीय कृषि निर्यात निगरानी सीमित का प्रयास, जनपद स्तरीय क्लस्टर सुविधा  इकाई का प्रयास पर चर्चा की गई।  प्रोत्साहन व्यवस्था के अंतर्गत निर्यात उन्मुक्त क्लस्टर को  अतिरिक्त प्रोत्साहन, क्लस्टर के निकट  स्थापित की जाने वाली नवीन प्रसंस्करण इकाई/पैक  हाउस/शीतगृह / राईपेनिंग चैम्बर आदि लिए निर्यात आधारित प्रोत्साहन, निर्यात हेतु परिवहन अनुदान, कृषि निर्यात (उत्पाद/उत्पादन) में प्रयुक्त विनिर्दिष्ट कृषि उपज पर मंडी शुल्क एवं विकास सेस से छूट तथा कृषि निर्यात/ पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रौद्योगिकी डिग्री/डिप्लोमा/सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए प्रोत्साहन पर विस्तृत रूप से विचार किया गया।
 मंडलायुक्त  विजय विश्वास पंत ने कहा कि निर्यात योग्य कृषि उत्पाद और उत्पादन के लिए क्लस्टरो का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर को लघु कृषि,  कृषि व्यापार, संघ एवं नवार्ड के अंतर्गत एफ. पी. ओ./एफ. पी. सी.  के पंजीकरण हेतु किसानों को प्रोत्साहन किया जाए। उन्होंने कहा कि क्लस्टर खेती के अंतर्गत क्षेत्र वृध्दि को प्रोत्साहित करें  तथा क्लस्टर पद्धति के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देना सुनिश्चित करें।  उन्होंने कहा कि फसलों व उत्पादों के लिए मुख्य विभागों एफ. पी .ओ. एवं  निर्यातकों के बीच के क्लस्टर स्तरीय समन्वय स्थापित किया जाए। 
मंडलायुक्त ने कहा कि आजमगढ़,  मऊ, बलिया के प्रमुख उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर सूची में शामिल किया जाए तथा एपीड़ा ऑनलाइन ट्रेसेविलिटी सिस्टम के अंतर्गत कृषको / एफ.पी.ओ./  निर्यातकों का पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मऊ मे  उत्पादित ब्लैक राइस एवं ब्लैक  व्हीट को क्लस्टर सूची में सम्मिलित कर एपीडा मे रजिस्ट्रेशन कराना सुनिश्चित करें। जिससे इसके निर्यात को प्रोत्साहित किया जा सके। बैठक में तिन्नी के चावल की खेती,  तिल की खेती, कमलगट्टा, बेर्रा का फूल, बेर्रा की जड़ (सिरको) के औषधि गुणो  पर चर्चा की गई तथा हरा मिर्ची व मशरूम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विचार विमर्श किया गयाl बैठक मे सम्बन्धित विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।

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