आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 27 जुलाई-- एनटीपीसी टांडा के उप महाप्रबंधक/बिजली महोत्सव एवं ऊर्जा दिवस के जिला नोडल अधिकारी परवेज खान द्वारा अवगत कराया गया है कि आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत बिजली महोत्सव का आयोजन राज्य और केंद्र सरकारों के बीच एक संयुक्त मंच के रूप में किया गया, जिसमें बिजली के क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियों को उजागर किया गया।
जिला नोडल अधिकारी ने बताया कि बिजली महोत्सव सम्पूर्ण देश में उज्जवल भारत उज्जवल भविष्य पावर @2047 (दिनांक 25 जुलाई से 30 जुलाई 2022 तक) के तत्वाधान में मनाया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक जनभागीदारी हो और बिजली क्षेत्र के विकास को वृहद पैमाने पर नागरिकों तक पहुंचाया जा सके।
उन्होने बताया कि 169 गीगावाट उत्पादन क्षमता जोड़ी गई, हमारे देश को बिजली की कमी वाले देश से अधिशेष बिजली वाले देश में बदलना है। 1.6 लाख सीकेएम ट्रांसमिशन लाइनें जोड़ी गईं हैं। पूरे देश को एक ही फ्रिक्वेंसी के ग्रिड से जोड़ा गया एवं दुनिया में सबसे बड़े एकीकृत ग्रिड वाले देश के रूप में उभरा है। 2018 में 100 प्रतिशत गांवों के विद्युतीकरण (18,374) और 100 प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण (2.86 करोड़) की उपलब्धि अर्जित की गयी है।
उन्होने कहा कि विद्युत प्रणाली सुदृढ़ीकरण के लिए 2.02 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय किया गया, जिससे ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति 2015 में 12 घंटे से बढ़कर वर्तमान में 22.5 घंटे हो गई है। सबसे तेजी से बढ़ने वाली नवीकरणीय क्षमता- 2014 में 76 गीगावाट से दोगुनी होकर अब 160 गीगावाट हो गई है। 2021 में 40 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की उपलब्धि हुई, जो वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर है।