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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की अर्न्तविभागीय समन्वय बैठक आयोजित।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 15 जुलाई-- जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में देर सायं कलेक्ट्रेट सभागार में आजमगढ़ में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की अर्न्तविभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं के लिए माइक्रोप्लान तैयार किये जायें, जिसमें उनके कार्य क्षेत्र के समस्त लक्षित आयु वर्ग की सूची संलग्न करें, जिन्हें राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के दौरान डीवार्मिंग की दवा खिलाई जाये। उन्होने कहा कि बीएसए/डीआईओएस द्वारा बच्चों तथा उनके माता/पिता को सूचित कर दिया जाये। उन्होने कहा कि कोविड-19 से सवंमित व्यक्ति को दवा खिलाने की गतिविधि में शामिल नही किया जायेगा। उन्होने कहा कि दवा खिलाने के दौरान कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करना सुनिश्चित कराया जाये।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि ब्लॉक और नीचे के स्तर तक एल्बेंडाजोल टेबलेट की आपूर्ति ड्रग बंडलिंग प्लान के अनुसार हो। ब्लाक द्वारा एएनएम क्षेत्र के आवश्यकता अनुसार दवाएं (बफर सहित) आपूर्ति की जायेगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू)/आरबीएसके स्क्रीनिंग वाहनों का इस्तेमाल एएनएम (सब सेंटर) तक एल्बेंडाजोल की गोलियों के परिवहन और आपूर्ति के लिए किया जाएगा। उन्होने कहा कि एएनएम/सीएचओ के द्वारा स्कूलों एवं आगनवाड़ी केंद्रों को एल्बेंडाजोल की गोलियों उनके लक्ष्य के सापेक्ष आपूर्ति की जायेगी। आशा/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने कार्यक्षेत्र में घर-घर जा के 1-19 वर्ष के लक्षित बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलायेगी। स्कूल एवं आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से 1-19 वर्ष के बच्चे और किशोर/ किशोरियां को एल्बेंडाजोल टैबलेट खिलाई जाएगी। उन्होने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम में उच्च कवरेज स्तरों को बनाए रखने में सामुदायिक जागरूकता की भूमिका महत्वपूर्ण है। कोविड-19 बीमारी को देखते हुए समुदाय में जागरूकता के लिए डिजिटल माध्यम जैसे कि सोशल और मास मीडिया जो स्थानीय लोगों तक अधिक से अधिक पहुंच सके, का इस्तेमाल करना आवश्यक है। कोविड-19 बीमारी की वजह से आईईसी और प्रशिक्षण सामग्री के वितरण में परेशानी को देखते हुए डिजिटलाइजेशन और तकनीक का इस्तेमॉल करना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया कि विभागों में समन्वय कर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति का आयोजन करें। पर्याप्त एल्बेडाजॉल गोलियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। मास्टर ट्रेनर द्वारा शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण सुनिश्चित करें। उन्होने महिला एवं बाल विकास विभाग (आईसीडीएस) के अधिकारी को निर्देश दिये कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के प्रभावशाली क्रियान्वयन हेतु स्वास्थ विभाग के साथ सहयोग एवं समन्वय प्रदान करें। स्वास्थ्य विभाग के समन्वय द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दवा प्रदायगी तथा संभव प्रतिकूल घटना के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि सामुदायिक जागरूकता की गतिविधियां सुनिश्चित करें, विशेषकर स्कूल ना जाने वाले बच्चों के लिए विशेष सामुदायिक सहयोग प्रदान करें। 1-5 साल के सभी पंजीकृत और गैर-पंजीकृत बच्चों और 6-19 साल के स्कूल ना जाने वाले बच्चों को कृमि नियंत्रण की दवाई सेवन सुनिश्चित करायें। जो बच्चे बीमारी या फिर अनुपस्थिति के कारण छूट गए हो, उन्हें मॉप-अप दिवस पर दवाई सेवन सुनिश्चित करायें।
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारी को निर्देश दिये कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के प्रभावशाली क्रियान्वयन हेतु स्वास्थ विभाग के साथ सहयोग एवं समन्वय स्थापित करें। स्वास्थ्य विभाग के समन्वय द्वारा सभी स्कूलों में दवा प्रदायगी तथा संभव प्रतिकूल घटना के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करें। शिक्षक द्वारा समुदाय जागरुकता गतिविधियां जैसे अभिभावक-शिक्षक बैठक, विद्यालय प्रबन्धन समिति बैठक में कृमि नियंत्रण के लाभ और कार्यक्रम आयोजन की तिथियों का प्रचार प्रसार करें। सभी पंजीकृत बच्चों को कृमि नियंत्रण की दवाई सेवन सुनिश्चित करायें। उन्होने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी को निर्देश दिये कि विभिन्न स्तरों पर होने वाली बैठकों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के संदेशों को शामिल करते हुए समुदाय में जागरूकता फैलाने में मदद करें। जनपद स्तर के अधिकारियों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अभियान के साथ सहयोग एवं समन्वय प्रदान करने हेतु आवश्यक सहयोग व दिशा निर्देश जारी करें। उन्होने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत विभिन्न स्तरों की बैठक में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के संदेशों का जन जागरूकता हेतु समावेश करने में सहयोग करें। समस्त स्कूल, आंगनवाड़ी, मदरसा एवं तकनीकी संस्थाओं में हाथ धोने का आयोजन करायें। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की आईईसी सामग्री का उपयोग कर जन जागरूकता में सहयोग प्रदान करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम की भूमिका निर्धारित करते हुए आगामी कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के समुदाय आधारित तरीके के बारे में बच्चों, माता-पिता या अभिवावक को बताएं। अपनी कक्षा में पंजीकृत 6-19 आयु वर्ग के सभी बच्चों/किशोर/किशोरी को निर्धारित खुराक के अनुसार दवाई खिलाएंगी। कोविड-19 बीमारी से बचाव हेतु निर्गत सभी दिशा निर्देशों और आवश्यक सुरक्षा उपायों का ध्यान रखें दवा खिलाने के बाद किसी भी चिकित्सा सहायता के लिए सुनिश्चित करें कि उनके पास निकटतम एमओ-पीएचसी और एएनएम का भी फ़ोन नंबर हो। 

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