आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
आजमगढ़ 25 अगस्त-- मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 वीरेंद्र सिंह ने किसान भाइयों को अवगत कराया है कि वर्तमान समय में प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों यथा राजस्थान, हरियाणा तथा कुछ जनपदों में लम्पी स्किन डिजीज नाम की एक बिमारी तेजी से फैल रही हैं, यह एक विषाणु जनित पूरे शरीर में या शरीर के कुछ भाग में कठोर एवं चपटी गांठ आदि प्रकार के लक्षण पाये जाते है। यदि इस प्रकार के लक्षण आपके पशुओं में दिखाई पड़ते हैं, तो सर्वप्रथम अपने निकटतम पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करें।
उन्होंने कहा कि रोग प्रकोप के समय सर्वप्रथम निकटतम पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करें। प्रभावित पशु को स्वस्थ पशु से अलग करें। पशु के दूध को उबाल करे पियें। पशुओं को साफ पानी पिलायें। पशुओं को मच्छरों, मक्खियों, किलनी आदि से बचाने हेतु पशुओं के शरीर पर कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करें। बीमार पशुओं की देखभाल करने वाले व्यक्ति को भी स्वस्थ पशुओं के बाड़े से दूर रहना चाहिए। पहले स्वस्थ पशुओं को चारा व पानी दें।
उन्होंने बताया कि रोग प्रकोप के समय सामूहिक चराई के लिए अपने पशुओं को ना भेजे। पशु मेला एवं प्रदर्शनी में अपने पशुओं को ना भेजे। प्रभावित क्षेत्रों से पशु खरीद कर न लायें। यदि किसी पशु की मृत्यु होती है, तो शव को खुले में न फेंकें एवं वैज्ञानिक विधि से दफनायें। रोगी पशु के दूध को बछड़े को न पिलायें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि इस हेतु टोल फ्री नं0-18001805141, 0522-2740992 पशु पालन विभाग लखनऊ, कन्ट्रोल रूम कलेक्ट्रेट आजमगढ़- 05462-356039, 356040 जारी किया गया हैं।