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सुहागिनो के महापर्व करवा-चौथ: शाश्वत श्रृंगार की सबसे अनुपम कविता

कविता।

सुहागिनो के महापर्व करवा-चौथ की हार्दिक शुभकामनाएं। 

शाश्वत श्रृंगार की सबसे अनुपम कविता-

मैं नील गगन का नवल चन्द्रमा,
तुम दुग्ध धवल चाँदनी अम्बर की। 
मै अनंत व्योम का अटल अडिग ध्रुव तारा,
तुम जगमग झिलमिल अविरल सम्पूर्ण निशा ।
मै प्रणय डगर का भूला-भटका पागल प्यासा पथिक,
तुम शीतल मंद बयार लिए घने पीपल की मधुर छाँव।
मै व्याकुल विह्वल दुष्यंत कोई इस अंचल का,
तुम मृगनयनी सी कोई शकुन्तला जंगल की।
मै दिग-दिगंत अनंत में बहता कोई पवन बावला,
तुम इतराती इठलाती बलखाती कोई नदी बावली ।
मै प्रेमी मन के गहरे सागर के मंथन की अजर अमर कथा,
तुम सृष्टि के शाश्वत श्रृंगार की सबसे अनुपम कविता। 

लेखक: मनोज कुमार सिंह प्रवक्ता 
बापू स्मारक इंटर काॅलेज दरगाह मऊ।
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