आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़: जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, गांव सरकार का मुद्दा गरमाने लगा है। आज़मगढ़ लोकसभा सीट पर एक तरफ समाजवादी से धर्मेंद्र यादव हैं तो दूसरी तरफ भाजपा से दिनेश लाल यादव निरहुआ ताल ठोक रहे हैं।
लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में भारत परिषद ने नया खेल कर दिया है। जिससे आज़मगढ़ लोकसभा सीट पर अब पार्टियों के वोटों की गणित गड़बड़ाने लगी है। दरअसल भारत परिषद लम्बे समय से गांव सरकार के मुद्दे को लेकर आंदोलनरत रहा है, और गांव सरकार को लागू करने की मांग उठाता रहा है। भारत परिषद के कार्यकर्ता गांव गांव जाकर लोगों को गांव सरकार के प्रति जागरूक करते रहे हैं। इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर भारत परिषद ने निर्दलीय प्रत्याशी श्री श्री 108 उमाशंकर महाराज का समर्थन किया है। उमाशंकर महाराज जी ने गांव सरकार के मुद्दे को जन जन तक पहुंचाने के साथ इसकी लड़ाई आखिरी दम तक लड़ने का वादा किया है। आज भारत परिषद के प्रदेश महासचिव बेचू यादव के आवास पर भारत परिषद की बैठक के बीच उमाशंकर जी महाराज पहुंचे। उन्होंने कहा कि मैं 14 वर्षों से समाज की सेवा करता आया हूं, अन्न का परित्याग कर दिया है। समाज हित के लिए कार्य कर रहा हूं। मेरा चुनाव लड़ना सिर्फ समाज को नई दिशा देना है। वर्तमान समय की राजनीति दिशाहीन हो गई है। आज की राजनीति में समाज का हित नहीं अपना हित लोग देख रहे हैं। ऐसे राजनेताओं से दूरी बनाना आवश्यक है। गांव सरकार का मुद्दा आम जनता का वास्तविक मुद्दा है। जो हमारे विकास से सीधे सरोकार रखता है। जनता ने मौका दिया तो गांव सरकार की आवाज पार्लियामेंट में गूंजेगी। वहीं बैठक में बेचू यादव ने बताया की हम लोग गांव सरकार की मांग को लेकर जन आंदोलन भी करेंगे हमारी बातों को सरकार को मनाना ही पड़ेगा यह हमारा संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने बताया की उमाशंकर महाराज जी ने गांव सरकार की लड़ाई लड़ने का वादा किया है और आज हम इस लोकसभा के चुनाव में अपने कार्यकर्ताओं के साथ उनका समर्थन कर रहे हैं। अब भारत परिषद के इस निर्णय के बाद निश्चित रूप से आजमगढ़ लोकसभा की सीट में वोटो की गणित बिगड़ने लगी है जिससे अन्य पार्टियों के लिए यह लड़ाई और कठिन हो जाएगी।