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हजारों लोगों की मौजूदगी में समाजसेवी हाजी इल्तेफाद साहब सुपुर्द-ए-ख़ाक।


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

हर दिल अज़ीज़ हाजी इल्तेफाद साहब... आखिरी सफर में हजारों हमसफर।

लखनऊ से मुंबई तक, सबने कहा – अलविदा रहनुमा!

आज़मगढ़: गंभीरपुर थाना क्षेत्र के विषम गांव निवासी, प्रसिद्ध समाजसेवी और उद्योगपति हाजी इल्तेफाद साहब के इंतकाल की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। 80 वर्ष की उम्र में बीती रात उनका निधन हो गया।

हाजी इल्तेफाद साहब ने अपना पूरा जीवन गरीबों, दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर दिया। वे न केवल वस्त्र, भोजन और धन का दान करते थे, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत रहे। उनके जाने से समाज को अपूरणीय क्षति पहुँची है।

उनके जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए, जो दूर-दराज़ के क्षेत्रों से चलकर आए थे। लखनऊ, दिल्ली, आगरा, मुंबई सहित कई शहरों से लोग सूचना मिलते ही रातों-रात रवाना हो गए और अंतिम रस्म में शामिल होकर खुद को खुशनसीब समझा।

जनाजे में सपा के वरिष्ठ नेता अबू आसिम आज़मी, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद, अलीम अहमद सगड़ी, राशिद साहब, मोहम्मद आरिफ लखनवी बबलू, और उनके भतीजे शमीम अहमद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने उन्हें नम आँखों से विदाई दी।

अबू आसिम आज़मी ने कहा: "हमने एक ऐसा इंसान खो दिया, जो वाकई गरीबों का मसीहा था। समाज ने एक महान व्यक्तित्व को खोया है जिसकी भरपाई जल्द नहीं हो सकती। उनके जनाजे में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।"

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