लखनऊ। प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ऐतिहासिक योजना लागू करने का निर्णय लिया है। ‘बिजली बिल राहत योजना-2025’ के तहत उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत ब्याज (लेट पेमेंट सरचार्ज) में छूट दी जाएगी। यह योजना 1 दिसंबर से लागू होगी। इसके साथ ही बिल के मूलधन पर भी पहली बार 25 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, सरकार ने बकाया और वर्तमान बिल को अलग-अलग करने का फैसला किया है, ताकि उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान का दबाव न झेलना पड़े। नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ता अपना पिछला बकाया 500 या 750 रुपये की आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे। इस दौरान ब्याज पूरी तरह माफ रहेगा।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह योजना ईमानदार उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली चोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार चाहती है कि कोई भी परिवार अंधेरे में न रहे और सभी उपभोक्ता बिजली बिल भुगतान की मुख्यधारा में शामिल हों।
विद्युत चोरी के मामलों में भी राहत
वर्ष 2023-24 में दर्ज विद्युत चोरी के मामलों में भी राहत का रास्ता खुला है। सरकार ने ऐसे मामलों में ‘राजस्व निर्धारण धनराशि’ में छूट देने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत शामिल व्यक्तियों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के लिए 2000 रुपये या कुल निर्धारण धनराशि का 10 प्रतिशत (जो भी अधिक हो) जमा करना होगा।
छूट की दर इस प्रकार तय की गई है —
- 1 दिसम्बर से 31 दिसम्बर 2025 तक पंजीकरण कराने पर 50 प्रतिशत की छूट।
- 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक पंजीकरण कराने पर 55 प्रतिशत की छूट।
- 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक पंजीकरण कराने पर 60 प्रतिशत की छूट।
उपभोक्ता www.uppcl.org वेबसाइट या नजदीकी विद्युत कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि यह योजना प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देगी और विद्युत विभाग के राजस्व में भी सुधार लाएगी। सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक छूट का लाभ अवश्य उठाएं और समय पर पंजीकरण कराएं।