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खिचड़ी के सहारे निभा रहा है भाई का फर्ज… कारगिल वीर की बहनों को मिला प्यार का उपहार ❤️🙏


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के नत्थूपुर गांव में कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी रमेश यादव की बहनों के प्रति निभाई जा रही भाईचारे की मिसाल बुधवार को एक बार फिर दिखी। जवाहर नवोदय विद्यालय के कर्मचारी और अजमतगढ़ निवासी इफ्तिखार आजमी ने मकर संक्रांति के मौके पर खिचड़ी का उपहार देकर बलिदानी की बहनों को सम्मानित किया। वह यह कार्य पिछले 17 वर्षों से लगातार करते आ रहे हैं।
रमेश यादव वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। वह अपने पिता सीताराम की इकलौती संतान थे। उनके बलिदान के बाद उनकी तीनों बहनें मनकला, चंद्रकला और शशिकला का रो-रोकर बुरा हाल था। उस दौरान श्रद्धांजलि देने पहुंचे इफ्तिखार आजमी ने बहनों की वेदना को करीब से महसूस किया और मन ही मन संकल्प लिया कि वह भाई बनकर आजीवन उनका साथ निभाएंगे।
संकल्प के साथ शुरू हुई यह परंपरा 2008 से आज तक बिना रुके चल रही है। हर साल मकर संक्रांति पर वह नत्थूपुर पहुंचकर खिचड़ी की रस्म अदा करते हैं और बहनों को भाई का स्नेह देते हैं। इस बार भी उन्होंने अपनी पत्नी चंदा आजमी के साथ पहुंचकर बहनों का आशीर्वाद लिया।
इफ्तिखार आजमी की पत्नी चंदा आजमी ने कहा कि बलिदानी की बहनों का स्नेह पाना हमारे लिए सम्मान की बात है। उन्हें प्रेम देना और भाई का रिश्ता निभाना हमारे जीवन का सौभाग्य है। खिचड़ी के इस छोटे से उपहार के माध्यम से मानवता और रिश्तों की यह मिसाल पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गई है।

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