अदालत ने दोषसिद्ध कर लगाया 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड, महराजगंज थाने में दर्ज था मुकदमा
आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस की प्रभावी पैरवी और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के बाद दहेज हत्या के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार, महराजगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता सोनी की फांसी लगाकर हत्या किए जाने का आरोप था। मामले में मृतका के पिता राममिलन मौर्य निवासी मुबारकपुर पिकार, थाना राजेसुल्तानपुर, जनपद अंबेडकरनगर की तहरीर पर महराजगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बताया कि मामले में राहुल मौर्य पुत्र रामकुशल मौर्य और राजपति देवी पत्नी रामकुशल मौर्य, निवासी शिवपुर, थाना महराजगंज, आजमगढ़ के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 171/2025 के तहत धारा 80(2), 85 बीएनएस तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में अभियोग पंजीकृत किया गया था।
विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से मामले में कुल 12 गवाहों को न्यायालय के समक्ष परीक्षित कराया गया। पुलिस के अनुसार, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद 24 सितंबर 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत, आजमगढ़ ने दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध पाया।
अदालत ने राहुल मौर्य और राजपति देवी को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
नोट: पुलिस की प्रारंभिक सूचना में तीन अभियुक्तों को सजा दिए जाने का उल्लेख है, जबकि उपलब्ध विस्तृत विवरण में केवल दो अभियुक्तों के नाम दर्ज हैं। तीसरे अभियुक्त के संबंध में पुलिस की ओर से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।