आजमगढ़। गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खुद को पुलिस का सीओ अधिकारी बताकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक व्यक्ति से ठेका दिलाने के लिए 3.20 लाख रुपये की मांग की थी और 90 हजार रुपये लेने का आरोप है। उसके कब्जे से फर्जी पुलिस पहचान पत्र, शराब ठेके का कूटरचित आवंटन पत्र, पुलिस वर्दी और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर 2026 को मिली शिकायत के आधार पर गंभीरपुर थाने में मु0अ0सं0 226/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और 66डी आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने खुद को पुलिस विभाग का सीओ अधिकारी बताते हुए शराब का ठेका दिलाने के नाम पर 3.20 लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि 30 अगस्त को 90 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद 1 सितंबर को आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर मोबाइल फोन से वीडियो कॉल की और खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए सामने वाले व्यक्ति को विश्वास में लिया। बाद में उसके पुलिस अधिकारी न होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:10 बजे रानीपुर रजमों मोड़ के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय (40) पुत्र स्वर्गीय श्रीराम, निवासी मगरावा, थाना गंभीरपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई।
वर्दी और फर्जी पहचान पत्र से बनाता था प्रभाव
पुलिस का दावा है कि आरोपी पुलिस अधिकारी, विशेषकर सीओ या डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर लोगों को वीडियो कॉल करता था। वह खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए शराब का ठेका, नौकरी समेत अन्य काम कराने का भरोसा देता था। पुलिस के अनुसार, इसी तरीके से लोगों को विश्वास में लेकर उनसे रकम की मांग की जाती थी।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से दो कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र, शराब ठेके का एक कूटरचित आवंटन पत्र, एक पुलिस वर्दी सेट और एक मोबाइल फोन बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2017 में गंभीरपुर थाने में धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत मुकदमा भी दर्ज हुआ था। वर्तमान मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई में गंभीरपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल शनि कुमार और दुर्गेश कुमार तथा साइबर सेल के प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम, मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल, कांस्टेबल श्याम कुमार और अमित सरोज शामिल रहे।