चार साल चार माह जेल में रहा आरोपी, अदालत ने लगाया पांच हजार रुपये का अर्थदंड
आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद अवैध शस्त्र और कारतूस रखने के मामले में अदालत ने आरोपी विवेक सिंह को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे जेल में बिताई गई चार वर्ष चार माह की अवधि को ही कारावास की सजा माना। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
पुलिस के अनुसार, 13 मई 2022 को तत्कालीन मेहनगर थानाध्यक्ष बसंत लाल की ओर से दी गई लिखित फर्द के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पुलिस का दावा है कि विवेक सिंह पुत्र राजनारायण सिंह, निवासी गंजोर, थाना मेहनगर के कब्जे से दो पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए गए थे।
मामले में मेहनगर थाने में मु0अ0सं0 150/2022 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में आरोपी की ओर से जुर्म स्वीकार किए जाने के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसके बाद 24 सितंबर 2026 को विशेष पॉक्सो/गैंगस्टर कोर्ट, आजमगढ़ ने विवेक सिंह को दोषसिद्ध करार देते हुए जेल में बिताई गई चार वर्ष चार माह की अवधि के कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।