आजमगढ़। साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आजमगढ़ पुलिस ने दो पीड़ितों की कुल 42,280 रुपये की धनराशि वापस कराई है। पुलिस के अनुसार, थाना निजामाबाद और थाना गंभीरपुर की साइबर टीमों ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित धनराशि को होल्ड कराकर नियमानुसार प्रक्रिया के तहत पीड़ितों के खातों में वापस कराया।
निजामाबाद में 30 हजार रुपये वापस
पुलिस के मुताबिक, 16 अप्रैल 2026 को फरिहा निवासी दानिश के साथ साइबर फ्रॉड कर 30 हजार रुपये की ठगी की गई थी। पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की धनराशि को होल्ड कराया।
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए MRM पोर्टल के माध्यम से एक अक्टूबर को 30 हजार रुपये की पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी।
गंभीरपुर में 12,280 रुपये वापस
इसी तरह गंभीरपुर थाना क्षेत्र की एक महिला के खाते से फोन-पे के माध्यम से 22,500 रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया था। पीड़िता मनीषा यादव निवासी हरैया ने तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए ठगी की धनराशि को होल्ड कराया। इसमें से 12,280 रुपये MRM पोर्टल के माध्यम से पीड़िता के खाते में वापस करा दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शेष होल्ड धनराशि को रिलीज कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी की सूचना मिलने पर समय रहते शिकायत दर्ज होने से संबंधित धनराशि को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है। आजमगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और आवश्यक होने पर साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन भी दर्ज कराएं।