आजमगढ़। सरायमीर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग के माध्यम से कथित तौर पर टेलीकॉम राजस्व में धोखाधड़ी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों के कब्जे से 16 मोबाइल फोन, एक डेल कंपनी का लैपटॉप, तीन खुले सिम कार्ड और 4,690 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दो अक्टूबर को सरायमीर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संजरपुर बाजार से करीब 200 मीटर आगे पोखरे के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली गई।
पुलिस ने उनकी पहचान मो. ताबिश (41) निवासी खुदादादपुर, थाना निजामाबाद और सलीम अहमद (28) निवासी खरेवां, थाना सरायमीर के रूप में की। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से 16 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, तीन खुले सिम कार्ड और 4,690 रुपये बरामद किए।
IPRN और VoIP के जरिए कॉलिंग का आरोप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने साथी जीशान के साथ मिलकर International Premium Rate Numbers (IPRN) पर इंटरनेट कॉलिंग यानी VoIP के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कॉल करने और कराने की बात बताई। पुलिस का दावा है कि इन कॉलों को विभिन्न नंबरों से कनेक्ट कर अधिक समय तक सक्रिय रखा जाता था, जिससे प्रति मिनट के आधार पर राजस्व उत्पन्न होता था और आरोपियों को कमीशन मिलता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के माध्यम से प्रीमियम नंबर तथा कॉल रूट उपलब्ध कराए जाते थे। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच में कुछ वेबसाइटों से संबंधित लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए कॉल रूटिंग तथा कॉल बाईपास से संबंधित जानकारी मिलने की बात भी पुलिस ने कही है।
पूछताछ में कथित तौर पर इस गतिविधि से प्राप्त धनराशि आपस में बांटने तथा कुछ लेन-देन USDT/क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किए जाने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है।
पुलिस ने बरामदगी और पूछताछ के आधार पर थाना सरायमीर में मु0अ0सं0 247/2026, धारा 318(4), 319, 111, 317(2) बीएनएस तथा 66C/66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रविप्रकाश गौतम, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल, कांस्टेबल आलोक सिंह और कांस्टेबल राहुल गौड़ शामिल रहे।