आजमगढ़। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की ओर से चलाए जा रहे नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस माह (NCSAM) के तहत बुधवार को अमर शहीद इंटर कॉलेज, ईश्वरपुर में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने विद्यार्थियों और मौजूद लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी अपराध कौस्तुभ त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस, सीबीआई और साइबर अधिकारी बनकर धन की मांग करने वाले साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया गया।
पुलिस टीम ने फर्जी ऐप और लिंक, गिफ्ट व लॉटरी स्कैम, फर्जी ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट ग्रुप, क्रिप्टो स्कैम, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, फर्जी पेमेंट लिंक, OLX और KYC फ्रॉड, ऑनलाइन लोन स्कैम तथा सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को म्यूल अकाउंट और फर्जी मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में हनी ट्रैपिंग, सेक्सटॉर्शन और न्यूड कॉल ब्लैकमेलिंग से बचाव को लेकर भी विशेष जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहले लोगों से दोस्ती करते हैं और बाद में वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे मामलों में घबराने या पैसे देने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों से कहा गया कि अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल को लेकर सतर्क रहें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें। साइबर अपराध से संबंधित जागरूकता के लिए लाउडहेलर और पंपलेट के माध्यम से भी जानकारी दी गई।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
इस दौरान थाना साइबर क्राइम के उपनिरीक्षक शिवकुमार उपाध्याय, हेड कांस्टेबल कल्लू प्रसाद, कांस्टेबल विशाल यादव, कांस्टेबल विकास कुमार, महिला कांस्टेबल हसीना खातून और महिला कांस्टेबल संज्ञा देवी मौजूद रहीं।