आज़मगढ़।
सगड़ी।
सैकड़ो गांव घिरे बाढ़ के पानी से दर्जनों गांव के घरों में घुसा पानी ।
1998 के रिकार्ड जलस्तर की तरफ बढ़ रही नदी।
रिंग बंधे पर टूटने का खतरा ।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल में उत्तर दिशा में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में 1 हफ्ते से लगातार निरंतर वृद्धि से 1998 के रिकॉर्ड जलस्तर 72.98 सेमी के करीब पहुंचने को बेताब है घाघरा नदी सुबह मुख्य मापक महुला गड़वल बंधे बदराहुआ गेज पर आज सुबह 72 पॉइंट 75 मीटर पर व शाम 4:00 बजे 72.81 मीटर पर दर्ज किया गया वही डिघिया गेज पर आज सुबह 8:00 बजे 71 पॉइंट 82 मीटर व शाम 4:00 बजे 71.88 मीटर दर्ज हुआ जिसको देखते हुए ऐसा महसूस हो रहा है कि अब तक के 1998 के रिकॉर्ड के करीब घाघरा नदी पहुचने को बेताब है ।
नेपाल बैराज द्वारा छोड़े गए पानी से घाघरा नदी सगड़ी तहसील के सैकड़ों गांव में पानी से घिर चुके हैं वह दर्जनों गांव में घरों में पानी घुस चुका है जिससे ग्रामीणों का बंधे पर पलायन शुरू हो चुका है गांव में घरों में पानी घुसने से जहां अनेको अनेक दुश्वारियां सामने आ रही हैं वही महिलाओं को सुबह शाम खाना बनाने वही ईधन की समस्या से दो चार होना पद रहा है गांव के पुरुष अपनी महिलाओं को व बच्चों को मायके भिजवा रहे हैं प्रशासन द्वारा घाघरा नदी के जलस्तर व घिरे हुए गाँवो पर नजर रखी जा रही है बाढ़ चौकियां शुरू कर दी गई है प्रशासन द्वारा पशुओं के चारे की समस्या को देखते हुए भूसा भी बांटा जा रहा ह किंतु ग्रामीणों में असंतोष है वह सभी को नहीं मिल पा रहा जिससे ऊंट के मुंह में जीरा की कहावत चरितार्थ हो रही है आज प्रशासन द्वारा मिट्टी का तेल बांटने का कार्य हुआ ग्रामीणों में असंतोष है वह सभी को नहीं मिल पा रहा जिससे ऊंट के मुंह में जीरा जैसी कहावत चरितार्थ हो रही है वहीं आज प्रशासन द्वारा मिट्टी का तेल बांटने का भी कार्य किया गया बंदे से गांव जाने हेतु प्रशासन द्वारा नाव किराए पर लगाई गई है जिससे की आवागमन में असुविधा न हो एक बाढ़ के जलस्तर में इसी तरीके से वृद्धि होती रही जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पी ए सी लगाने आदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया किन्तु अभी तक पी एसी पहुँची नहीँ है जल स्तर में वृद्धि से रिंग रोड के बंधे पर कटाव का खतरा मंडरा रह यदि रिंग रोड बंदा कटा तो बंदे के इस तरफ हजारों की संख्या में ग्रामीण परेशान होंगे कई गांव के भी कटने के कगार पर हैं जिससे सैकड़ों घरों पर भी बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे देवआरा दाम महुला गांव की सड़क पर कार्य करा रहे सेक्रेटरी बी एनसिंह पैर फिसलने से गिर गए प्रधान द्वारा गमछे से उन्हें बाहर निकाला जिससे डूबने से बाल बाल बचे ग्रामीणों में नदी के जल स्तर बढ़ने से प्रशासन द्वारा किए जा रहे सहयोग से असंतोष पनप रहा है उनका कहना है कि गांवों में अब तक प्रशासन द्वारा राहत पहुंचाने का कार्य नहीं हो पा रहा है विगत कुछ सालों से बाढ ना आने से पूर्व के किए गए तैयारियां भी जल स्तर बढ़ने से फिकी नजर आ रही है वही तहसील प्रशासन द्वारा बंधे व घिरे हुए गांव पर नजर बनाये हुए है जल स्तर पर पल-पल नजर रखी जा रही है।
रिपोर्ट- मनोज चतुर्वेदी
जोन रिपोर्टर
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समाचार इंडिया लाइव
ब्यूरो आज़मगढ़