आगरा।
आगरा से विकास गुप्ता की रिपोर्ट-
आगरा रोड स्थित गांव नगला पदम में सुबह से शाम तक लगातार 12 घंटे तक तेंदुए की दहशत रही। यमुना किनारे से भटक कर गांव में पहुंचा तेंदुआ एक पेड़ पर चढ़ गया, जिसको पकड़ने के लिए वाइल्ड़ लाइफ की टीम को पसीने छूट गए। लगभग साढ़े छह घंटे की मशक्कत के बाद जब उसे इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया, तब जाकर वह काबू में आया।
शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे नगला मोहन लाल के रमन अरविंदर चौधरी राजू सहित कई अन्य युवा दौड़ लगा रहे थे। घने कोहरे में दौड़ लगाने के दौरान रजवाहे की पटरी के निकट उगी झाड़ियों में से कुछ अजीब तरह की आवाजें आ रही थीं। इन युवकों ने पास आकर देखा तो झाड़ियों में छिपे बैठे तेंदुए ने छलांग लगा दी, इस दौरान तेंदुए के पंजे से रमन और राजू के खरोंच आ गईं। वही मौके पर मौजूद अरविंद ने बताया कि सबसे पहले तेंदुआ मैंने देखा था और देखते ही पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी फोन पुलिस के कुछ सिपाही पहुंच गए हैं।
इन युवकों ने जब गांव वालों को तेंदुए के बारे में बताया तो मौके पर कई गांवों के लोगों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों की भीड़ देख सहमा तेंदुआ रजवाहे के निकट एक पीपल के पेड़ पर चढ़ गया। सूचना पर वहां वन विभाग के रेंजर गौतम सिंह अपनी टीम के साथ पहुंच गए। इसके बाद वहां डीएफओ मुकेश शर्मा भी पहुंच गए। काफी प्रयासों के बाद भी तेंदुआ पेड़ से नीचे नहीं आया।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वहां वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम पहुंच गई। इस टीम ने पेड़ के आसपास जाल तान दिया। इसके बाद तेंदुए को पेड़ से उतारने के लिए उस पर ट्रेंकुलाइजर गन द्वारा कई बार बेहोशी के इंजेक्शन छोड़े गए, लेकिन इसके बाद भी शाम पांच बजे तक काबू न आया। सारे प्रयास विफल होते देख नगर पालिका हाथरस से क्रेन मंगाई गई। क्रेन के सहारे वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम ने फिर से पेड़ पर बैठे तेंदुए पर ट्रेंकुलाइजर गन से इंजेक्शन छोड़े। बेहोश होने के बाद वाइल्ड लाइफ की टीम ने उसे पकड़ कर पिंजड़े में कैद कर लिया और उसे आगरा ले गई। वही मौके पर मौजूद अरविंद ने बताया की गांव की कुछ युवक पेड़ पर चढ़े उनके द्वारा तेंदुआ को पकड़ा गया, वन विभाग की टीम हाथ पर हाथ रख कर बैठी रही।
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समाचार इंडिया लाइव
ब्यूरो आगरा।