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सिर छुपाने के लिए बस एक बाकी थी जगह। सिरफिरा तूफान आया वह भी छप्पर ले गया।

आज़मगढ़।

लालगंज/आजमगढ़। सिर छुपाने के लिए बस एक बाकी की जगह। सिरफिरा तूफान आया वह भी छप्पर ले गया। 

कुछ यही हाल इस समय क्षेत्र के एक परिवार का भी हो गया है तथा क्षेत्र की अगेहता गांव निवासिनी नंदिनी पत्नी पन्ना मौर्य का छप्पर हल्की बरसात में ही तहस नहस हो गया। जबकि उस को सरकारी आवास अबतक नहीं मिला। वह इसकी देखने में पूरी तरह पात्र लग रही है क्योंकि उसके रहने के लिए जो छप्पर था वह भी बरसात में गिर कर नष्ट हो गया तथा उसके रहने के लिए समस्या उत्पन्न हो गई है। इस समय वह पन्नी आदि डालकर अपने बच्चों को लेकर अपना व बच्चों के जीवन का गुजर बसर कर रही है।

प्राप्त समाचार के अनुसार लालगंज तहसील क्षेत्र के अगेहता गांव की रहने वाली नंदिनी पत्नी पन्ना मौर्या कॉलोनी के लिए दौड़ती रही लेकिन उसे आज तक कॉलोनी नहीं मिल पाई। सूत्रों के अनुसार अब जाकर उसका पात्रता सूची में नाम डाला गया है। जबकि उसकी हल्की बरसात में ही मंडई गिर चुकी है तथा उसे अब सिर छुपाने के लिये भी किल्लत हो गई है।

कहने को तो सब को रोटी कपड़ा और मकान की लंबी चौड़ी बातें राजनेता किया करते हैं किंतु धरातल पर यदि देखा जाए तो ऐसे घर आज भी देखने को मिल ही जाते हैं जिसे देखकर कलेजा पसीज जाए। किंतु इन्हें सरकार की सहायता क्यों नहीं मिल पाती सोचने का विषय है।

अपने 5 पुत्र पुत्रियों के साथ येन-केन-प्रकारेण जीवन का सफर तय कर रही नंदिनी को एक अदद कॉलोनी की आवश्यकता है। देखना है इसे कब पूरा किया जाता है।

रिपोर्ट: अंजनी राय

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