आज़मगढ़।
घाघरा नदी के जलस्तर में तीव्र गति से वृद्धि ।
घाघरा नदी ने कटान किया तेज ।
संपर्क मार्ग डुबे आवागमन बाधित।
सगड़ी।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर में बहाने वाली घाघरा नदी के जल स्तर में तीव्र गति से बढ़ाव जारी है नेपाल में भारी बारिश होने के कारण बनबसा बैराज से 1 लाख 10 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया जिसका असर सगड़ी क्षेत्र में बहने वाली घाघरा में देखा जा सकता है घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण नदी ने अपने तटीय क्षेत्रों में कटान तेज कर दिया है देवारा खास राजा के मुराली के पूरा जो कि 16 घर की आबादी पिछले ही साल कट गई थी इस वर्ष मुराली के पूरा का दूसरा पुरवा के 15 परिवार कटान की जद में आ सकते हैं उधर त्रिलोकी के पुरा में कटान जारी है कटान के भय से लोग पलायन कर रहे हैं त्रिलोकी के पूरा के 18 परिवारों को ग्राम सभा द्वारा दो बिस्वा जमीन गांव से दक्षिण बसने के लिए दिया गया है वहीं मुराली के पूरा के पिछले वर्ष बाढ़ में कटान 16 परिवार को अब तक जमीन मुहैया नहीं हो सकी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पलटन यादव ने बताया कि मुराली के पूरा के कटान पीड़ितों को भी इस बार 2 बिस्वा जमीन ग्राम समाज की रहने के लिए दी जाएगी जमीन चिन्हित कर ली गई है जल्द ही कटान पीड़ितों को उपलब्ध करा दिया जाएगा घाघरा नदी कृषि योग्य भूमि काट रही है देवारा राम सरन दुबे , देवारा अचल नगर , देवारा अचल सिंह , देवारा गरीब दुबे , सिकठिया , गलसदिया, आदि गांव के जो कि नदी के तटीय क्षेत्र में है नदी यहां भी कटान कर रही है।
संपर्क मार्ग डुबे आवागमन बाधित।
घाघरा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के कारण देवारा क्षेत्र में जाने वाले संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है मानिकपुर से मानिकपुर नई बस्ती संपर्क मार्ग पर पानी से डूब गया है जहां पर लोग कमर से ऊपर पानी में होकर पैदल आवागमन कर रहे हैं तो शाहडीह से बांका बुढ़न पट्टी संपर्क मार्ग भी डूब गया है वहां पर भी लोग कमर से ऊपर पानी से होकर पैदल आवागमन कर रहे है।खरैलिया ढाला से सोनौरा संपर्क मार्ग डूब जाने से आवागमन बाधित है किसी तरह लोग वर्षों पूर्व बने लकड़ी के जर्जर पुल से होकर आवागमन कर रहे हैं जो खतरे से खाली नहीं है वही स्कूल पढ़ने वाले बच्चे भी जर्जर पुल से आवागमन कर रहे हैं 2 दिनों में नाव नहीं लगाई गई तो बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाएगी। खरैलिया से सोनौरा संपर्क मार्ग से लगभग दर्जनभर गांव के बीस हजार लोगों का आवागमन होता है संपर्क मार्ग पर कई बार लोगों ने पुल की मांग कि थी जो कि आज तक नहीं बन पाया। दर्जनभर गांव के लोग इस समय बेलहिया ढाला सम्पर्क मार्ग जो कि 10 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है। से हो कर बंधे पर आ रहे हैं अराजी अजगरा मगरबी, अजगरा मगरबी, सोनौरा, झंझनपुर ,महाजी, धुसवा, देवारा खास राजा, मुराली का पूरा, आदि गांव के लोगों का यहां से आवागमन होता है
बाढ़ खंड के अवर अभियंता विजय जायसवाल का कहना है कि नेपाल में बारिश का पानी अधिक होने से बनबसा बैराज से 1 लाख 10 हजार क्युसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।अभी अगले 2 दिनों तक नदी बढ़ाव पर रहेगी लेकिन अभी कोई खतरा की बात नहीं है।
अभी सरकारी नांव नहीं लगायी गयी है।
अभी तक नहीं लगी सरकारी नांव डूबे हुए संपर्क मार्गों पर नाव नहीं लगाने से आवागमन बाधित है उधर नाव चलाने वाले लोगों श्याम बुझ ,जगई,बेचू ,भोला पुत्र राम बुझ, भोला पुत्र कलम, रामवचन यादव, राम सूरत पटेल, राज नारायण पटेल, राजेंद्र पटेल, का कहना है कि हम लोगों का पिछली साल का नाव का पैसा अभी तक नहीं मिला है जिससे हम लोग अपनी नाव जब तक पैसा नहीं मिल जाएगा तब तक नहीं लगाएंगे। नाव नहीं लगने से हजारों स्कूली छात्रों की पढ़ाई बाधित हो जाएगी नाव का बकाया पैसा नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
रिपोर्ट: मनोज चतुर्वेदी