अयोध्या।
अयोध्या जिले में एस एस पी श्री आशीष तिवारी के निर्देशन व एसपी ग्रामीण की उपस्थिति में फोरेसिंग विशेषज्ञों द्वारा राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के विवेकानन्द सभागार में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में प्रतिदिन होने वाले जघन्य/ सामान्य श्रेणी के अपराधों में पंजीकृत अभियोगों की विवेचना के निस्तारण एवं विवेचना में पारदर्शिता लाने हेतु विवेचक को एफआईआर दर्ज होने से लेकर अन्तिम रिपोर्ट आरोप.पत्र लगाने तक विवेचना के मुख्य अंशों अनुसंधान एवं परीक्षण में फोरेसिंक सांइस का उपयोग एवं उसके महत्व के कार्यवाही के बारे में विस्तार से दी गई जानकारी
1. घटना होने पर वर्कआउट करने के लिए फोरेसिंक सांइस का किस प्रकार उपयोग किया जायेगा तथा साक्ष्य संकलन हेतु फील्ड यूनिट की मदद किस प्रकार लेनी चाहिए।
2. निरीक्षण घटनास्थल, नक्शा नजरी, खूनालूद मिट्टी व सादी मिट्टी, खोखा कारतूस,फिगंर प्रिन्ट/फूड प्रिन्ट/टायर प्रिन्ट घटनास्थल की फोटोग्राफी में फोरेसिंक सांइस की उपयोगिता।
3. साइबर क्राइम में सीडीआर।
4. विधि.विज्ञान प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे जाने वाले प्रदर्शां को किस प्रकार कब्जे में लेना चाहिए व किस प्रकार पैकिगं करना चाहिए के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही।
5. अभियुक्त से पूछताछ में वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग डीएनए टेस्ट नारको टेस्ट,पालीग्राफी, ब्रैन मैपिंग।
इस प्रकार श्रीमान् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या श्री आशीष तिवारी महोदय के निर्देशन में विवेचना के निस्तारण एवं विवेचना में पारदर्शिता लाने हेतु फोरेसिंक विशेषज्ञों के द्वारा*जनपद के सभी थानों/कार्यालयों से कुल लगभग 200 विवेचक हुए प्रशिक्षित।
