आज़मगढ़।
राष्ट्रीय नाई महासभा के तत्वावधान में आयोजित हुए जयंती समारोहों में दिया गया समाज की एकता पर बल।
सगड़ी । सगड़ी तहसील क्षेत्र के जीयनपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर और बुढनपुर तहसील क्षेत्र के छींड़ी गोपाल गांव में राष्ट्रीय नाई महासभा के तत्वावधान में शुक्रवार को समारोह आयोजित कर बिहार सरकार के मुख्यमंत्री रहे, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, एवं समाजवादी विचारक जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती धूमधाम से मनाई गई।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के जीयनपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर और बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के छींड़ी गोपाल गांव स्थित समारोह का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय नाई महासभा के प्रदेशीय प्रधान संरक्षक राजमणि शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित, और कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। अपने उद्बोधन में कहा कि जननायक का व्यक्तित्व विराट् , एवं कृतित्व महान था। वे राष्ट्र एवं समाज के सच्चे सपूत थे। विलक्षण प्रतिभा के धनी कर्पूरी ठाकुर सर्वहारा वर्ग के उन्नयन और विकास हेतु सतत् प्रयासरत रहे। जाति- बिरादरी आधारित सम्मान- अपमान व्यवस्था जैसी सामाजिक कुरीतियों को उन्होंने अपने सत्कर्मों के बल-बूते बौना कर दिया। बिहार जैसे सामंती सूबे का मुख्यमंत्री जब कर्पूरी ठाकुर बने, तभी देश में सर्वप्रथम संविधान का समतामूलक सिद्धांत मूर्त रूप धारण किया। विशेष अवसर के संवैधानिक सिद्धांत के आधार पर उन्होंने ही सर्वप्रथम बिहार प्रांत में सर्वहारा पिछड़े वर्ग को आरक्षण की व्यवस्था किया। इस ऐतिहासिक कार्य से उन्होंने विकास रूपी रोशनी से उन घरों को रौशन करने का प्रभावी प्रयत्न किया, जिनके घरों में सदियों से अंधेरा था।उनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी है, और सदैव रहेगी। काबिलियत के आधार पर उन्हें बहुत पहले ही भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया जाना चाहिए था। मगर , इसके जिम्मेदार लोगों की संवेदनहीनता के कारण अबतक ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न उपाधि से सम्मानित किए जाने की पुरजोर मांग किया।
संगठन के जिलाध्यक्ष रविन्द्रनाथ शर्मा ने कहा कि नाई समाज का गौरवशाली अतीत है। इसे दृष्टिगत रखते हुए समाज के लोग अपने विकास का मार्ग खुद प्रशस्त करें। नाई समाज के लोग अपने वोट की कीमत को पहचाने और अपने हितैषी को ही समय-समय पर वोट दें। इसके लिए संगठित रहना नितांत आवश्यक है। विकास के लिए शिक्षा, दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है। समाज के लोग इसे बखूबी स्वीकार करें। वही जीयनपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बगेदू शर्मा ने कहा आज हम सबको संगठित होना होगा तभी हम अपने हक की लड़ाई लड़ सकते हैं। कार्यक्रम को रामनाथ शर्मा,अवधेश शर्मा सुभाष शर्मा, संतोष शर्मा जय हिंद शर्मा आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर रमेश शर्मा लल्लन शर्मा रामकेश शर्मा मोनू शर्मा अनु शर्मा जोशी विनोद नाथ शर्मा राकेश शर्मा लल्लन शर्मा संदीप शर्मा मनोज शर्मा आदि लोग मौजूद थे।