चंदौली।
ओ पी श्रीवास्तव।
चंदौली। जनपद चंदौली के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी डा अभय कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण अभियान के अन्तर्गत जिला पोषण समिति/जिला कन्वर्जेन्स समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक में सीडीओ द्वारा पूछे जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने वित्तीय खर्च का पूरा ब्योरा सही न देने और टालमटोल करने पर जमकर फटकार लगायी हिदायत देते हुये कहा कि जिस मद का धनराशी शासन से प्राप्त है उसी में खर्च किया जाय। इसके साथ इसका पूरा विवरण फाइल बनाकर रखा जाय साथ ही अगले बैठक में प्रस्तुत किया जाय। सीडीओ ने डीपीओ को निर्देश देते हुये कहा कि जनपद के तीन अच्छे कार्य करने वाले व तीन पुअर कार्य करने वालों की लिस्ट बनाकर दिया जाय ताकि उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित हो। साथ ही हिदायत देते हुये संबंधित अधिकारियों से कहा जो विभागीय दायित्व सौपा गया है, यदि इसमें किसी प्रकार कि शिथिलता मिली तो खैर नही।
समस्त संबंधित अधिकारियों से कहा कि अपने गोद लिये हुए गांवों में भ्रमण करे, तथा गांवों में जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों तथा, गांव की गर्भवती महिलाओं की गर्भवस्था की प्रथम त्रैमास में पंजीकरण आदि की जानकारी प्राप्त करे तथा निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराये गये चेकलिस्ट को भरकर जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होनें गांव गोद लिए हुए समस्त जनपदीय अधिकारियों से कहा कि गांव में जाये तो यह भी देखें कि सरकार द्वारा चलायी जा रही अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ कुपोषित बच्चे के परिवार को मिल रह है कि नही, यदि नही मिल रहा है तो अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलायें। सीडीओं ने कहा कि आईसीडीएस, पंचायती राज, स्वास्थ्य, खाद्य एवं रसद, शिक्षा, ग्राम्य विकास के सभी संबंधित अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर गोद लिए हुए गांव को सुपोषित बनाना सुनिश्चित करें। साथ ही जिन अधिकारियों द्वारा गोद लिया गया गाॅव सुपोषित किये जा चुके है उन अधिकारियों का मनोबल ऊचाॅ करते हुये कहा कि निरन्तर मेहनत व निष्ठा के साथ कार्य कर जनपद में लाल व पीले श्रेणी के बच्चों में जो सुधार लाया गया इसके लिए बधाई साथ ही अन्य गोद लिए अधिकारियों को मेहनत व निष्ठा से कार्य करने के नसीहत दी। कायाकल्प योजना के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यो को जल्द पूरा कर लिया जाय। कहा कि जनपद के ऐसे गांव में जो स्वंय के आगंनवाड़ी केन्द्र नही है किराये पर चलाये जाते है उनकी पूरा लिस्ट बनाकर एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाय। कुपोषित बच्चों के भरण-पोषण के लिए जिन ग्राम प्रधान के खाते में पैसा भेजा गया इसके बावजूद भी खर्च नही कर रहे उनके खिलाफ नोटिश जारी करने के निर्देश पंचायती राज विभागी को दिये।
बैठक के दौरान कुपोषण मुक्त करने में अपेक्षित प्रगति जिन सीडीपीओ द्वारा रहने पर चेतावनी जारी करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिये। साथ ही सभी सीडीपीओ से कहा कि यह सुनिश्चित करे कि जनपद के सभी कुपोषित बच्चों को गोंद अवश्य दे दिया जाय और इन्हें सुपोषित करने की प्रभावी कार्यवाही तीव्र गति से किया जाय इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नही होगी इसके लिए स्वंय जिम्मेदार होगें।
बैठक के दौरान उपजिलाधिकारी सदर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, सहित समस्त सीडीपीओ उपस्थित थें।