मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी सगड़ी आजमगढ़।
आज़मगढ़।
तीन लाख आर्थिक मदत को स्वीकृत ।
एक माह के अंदर चार्जशीट तैयार कर मुजरिमो को जेल भेजने के निर्देश ।
सगड़ी।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक सप्ताह पूर्व छः साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म को लेकर जिलाधिकारी एनपी सिंह मंगलवार को सुबह 8:34 पर पीड़ित के घर पहुंचे और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया एवं परिजनों से मिलकर कहा कि बच्ची पूरे देश की बेटी है ना कि परिवार की। फास्टट्रैक कोर्ट बनाकर बच्ची के साथ हुए अपराध का अपराधियों को जल्द से जल्द दंड दिया जाएगा एवं उन्होंने अपने पास से स्वयं दवा इलाज के लिए 25000 रुपये की सहायता की एवं कहा कि 300000 रुपये की आर्थिक मदद स्वीकृत कर दी गई है जो माता-पिता के खाते में एक सप्ताह के अंदर100000 रुपये आ जाएंगे एवं बाकी चार्जशीट दाखिल होने के बाद खाते में भेज दिया।जाएगा। उन्होंने कोतवाल विमलेश कुमार मौर्य को निर्देशित किया कि तत्काल अपराधियों की गिरफ्तारी कर एक माह के अंदर चार्जशीट दाखिल करें जिससे पीड़ित को न्याय दिया जा सके। उन्होंने परिवार से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। यही नहीं उन्होंने कहा कि हर तरह की संभव मदद की जाएगी एवं दवा इलाज के लिए इसे सदर में हॉस्पिटल में रखा जाएगा। जिससे इंफेक्शन न फैलने पाए। वही बीएचयू जाने के लिए एंबुलेंस देने का आश्वासन देते हुए उन्होंने अधीक्षक जीयनपुर को निर्देशित किया और बच्ची की तबीयत इस समय कुछ खराब है जिसको देखते हुए मंगलवार को रात्रि में एंबुलेंस पहुंच जाएगी एवं एंबुलेंस लेकर बीएचयू अस्पताल जाकर इलाज कराने के बाद आएगी। सदर हॉस्पिटल में सारी सुविधाएं देने का उन्होंने आश्वासन दिया एवं कहां की बच्ची के साथ मांता पिता के साथ भी परिवार के एक दो लोग वहां रह सकते हैं जहां उन्हें अतिरिक्त कमरों की व्यवस्था करा दी जाएगी।इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार से लगभग 10 मिनट तक बात की और पूरा हाल जाना उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि आज ही समाज कल्याण विभाग से एक कर्मचारी आकर आपका खाता नंबर वगैरह लेकर जाएगा और उसमें तत्काल 100000 रुपये की धनराशि भेज दी जाएगी ।आप किसी बात की चिंता ना करें सरकार आपके साथ हैं और जल्द ही न्याय का भरोसा दिया ।
वहीं दूसरी तरफ बच्ची ने कहा कि मेरे चाचा को पुलिस उठाकर ले गई है जो अपराधी नहीं है और वह निर्दोष हैं बच्ची ने यह भी बताया कि मैं उन अपराधियों को देखकर पहचान लूंगी जो गांव के ही हैं पर मेरे चाचा निर्दोष हैं उन्हें पुलिस छोड़ दे।